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धान के जैसे पैदावार देने वाली गेहूं की सबसे अच्छी किस्म:wheat variety of mahyco company
मुकुट प्लस (MWL 6278) गेहूं किस्म महीको इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की एक रिसर्च किस्म है। यह एक अच्छी लंबाई वाले गेहूं किस्म है। इसकी लंबाई 105 से 110 सेंटीमीटर तक रहती है। इस गेहूं में कल्ले अधिक निकलते हैं। और तना मजबूत होता है। जिससे यह गिरने के प्रति सहनशील है।
पैदावार के मामले में इस गेहूं किस्म का नहीं है कोई मुकाबला:wheat variety of dehaat
DWS-777 देहात (DEHAAT) की एक रिसर्च गेहूं किस्म है। इस किस्म की मुख्य विशेषता यह है। इसकी बालियाँ लंबी और नाली मोटी होती है। जिससे यह गिरने के प्रति सहनशील है। यह एक माध्यम ऊंचाई वाले गेहूं किस्म है। इसकी ऊंचाई लगभग 90 से 100 सेंटीमीटर तक रहती है। पीला रतुआ और बड़ा रतुआ रोगों के प्रति यह किस्म सहनशील है। इसके दाने भूरे और सुनहरे होते हैं। इस किस्म में फुटाव अन्य किस्मों के मुकाबले अधिक होता है। इस गेहूं किस्म को पिछले वर्षों से काफी पसंद कर रहे हैं।
गर्मी को सहन करने की अधिक क्षमता रखती है पंजाब की यह गेहूं किस्म:PBW-752 wheat variety
PBW-752 गेहूं की किस्म पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी लुधियाना द्वारा 2019 में बनाई गई थी। यह गेहूं किस्म गर्मी को सहन करने की अधिक क्षमता रखती है। मार्च में पढ़ने वाली गर्मी में इसका दाना सिकुड़ता नहीं है। जिससे अधिक पैदावार निकालकर देती है।
DBW 370, DBW 371 और DBW 372 गेहूं की किस्मों में कौन सी है सबसे अच्छी, जानें: DBW 370, DBW 371 and DBW 372 wheat varieties
भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (ICAR-IIWBR, करनाल) ने हाल के वर्षों में कई नई ...
पूसा वैज्ञानिकों द्वारा बनाई गई गेहूं किस्म एचडी-3385 की विशेषताएं जानें:New Variety Of Wheat
एचडी-3385 गेहूं किस्म भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा दिल्ली द्वारा बनाई गई एक किस्म है। जो बदलते मौसम और बढ़ते तापमान में भी किसानों को एक अच्छी पैदावार निकाल कर देती है। इस किस्म में किसी भी प्रकार का कोई रोग नहीं लगता जैसे- पीला रतुआ, भूरा रतुआ आदि।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित गेहूं किस्म PB-725 की विशेषताएं जानें:PB-725 Wheat Variety
PB-725 गेहूं किस्म पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2015 में बनाई गई थी। यह एक अच्छी ऊंचाई वाली गेहूं किस्म है। जिसकी ऊंचाई लगभग 105 सेंटीमीटर तक रहती है।
स्वादिष्ट रोटी के लिए करें इस गेहूं किस्म की बिजाई:HD-3086 Wheat Variety
एचडी-3086 गेहूं किस्म भारतीय गेहूं एवं जो अनुसंधान द्वारा बनाई गई एक रिसर्च किस्म है। जिसकी बजाई आप दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश व जम्मू कश्मीर के कुछ भागों में कर सकते हैं।
फसलों में उपयोग होने वाले टॉनिक|Tonic used in crops
किसान साथियों नमस्कार, किसानों के लिए फसल से अधिक उत्पादन और अधिक मुनाफा लेना एक ...
बिना कीटनाशकों का प्रयोग किये कृषि कीटों के लिए सोलर कीट लाइट ट्रैप सिस्टम:सरकार द्वारा अनुदान पायें।
बिना कीटनाशकों का प्रयोग किये कृषि कीटों के लिए सोलर कीट लाइट ट्रैप का प्रयोग ...
पौधों में पोषक तत्वों की कमी के आसान लक्षण: पत्तियों पर दिखने वाले संकेत: Easy Symptoms of Nutrient Deficiency in Plants
किसान भाइयों नमस्कार, फसल उगाना आसान काम नहीं है। पौधों को ठीक से बढ़ने के ...
गेहूं में जिंक डालें या नहीं:जानें कृषि सलाहकार इस बारे में क्या कहते है
गेहूं की फसल में ज्यादातर किसान जिंक का प्रयोग नहीं करते। गेहूं में सल्फर अधिक मात्रा में प्रयोग किया जाता हैं। भारत में 40% से अधिक जमीनों पर जमीनों में जिंक की कमी पाई जाती है। जिंक एक ऐसा तत्व है, जिसको आप साल में अगर एक बार भी अपनी जमीन में डाल लेते हैं। तो उसको दोबारा डालने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
गेहूं में कल्ले बढ़ाने के लिए काला सोना के नाम से मशहूर इस दवाई का प्रयोग करें:Benefits of humic acid in wheat
ह्यूमिक एसिड काला सोने के नाम से जाना जाता है। यहाँ एक आर्गेनिक खाद है। जो चट्टानों को पीसकर बनाया जाता है। ह्यूमिक एसिड तरल और दानेदार दोनों फॉर्म में बाजार में आपको आसानी से मिल जाएगा। तरल ह्यूमिक एसिड का प्रयोग आप स्प्रे या ड्रिप द्वारा कर सकते हैं। दानेदार ह्यूमिक एसिड का प्रयोग सीधा मिट्टी में किया जाता हैं। इसको आप खाद या रेत में मिलकर अपनी जमीन में डाल सकते हैं