Kheti jankari
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धान की पत्ता लपेट सुंडी का प्रकोप ऐसे करें सस्ते में रोकथाम:Leaf Folder in paddy
धान में पत्ता लपेट सुंडी रोग धान में किसानों के सामने एक और बड़ी समस्या ...
गेहूं की नई किस्म HD 3388 (पूसा यशोधरा): जानिए बुआई, पैदावार और पूरी जानकारी
गेहूं की खेती करने वाले किसान भाइयों के लिए सही बीज का चुनाव करना सबसे ...
पर्माकल्चर (स्थायी कृषि) क्या है: इसके मुख्या सिद्धांत समझें: The rules of permaculture
किसान साथियों नमस्कार, पर्माकल्चर यानी “परमानेंट एग्रीकल्चर” (स्थायी कृषि)। यह एक ऐसी तरकीब है जिसमें ...
गेहूं की पैदावार बढ़ाने का आसान तरीका:कुछ तरीके जानें जो आपकी पैदावार को बढ़ा सकते हैं
हर किसान चाहता है, कि उसकी फसल उसको अच्छी पैदावार निकाल कर दे और उसे अधिक मुनाफा हो। पैदावार बढ़ाने के चक्कर में किसान भाई अपनी फसलों में विभिन्न तरह के माइक्रोन्यूट्रिएंट्स व अन्य दवाइयां का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन फिर भी उनको अच्छे रिजल्ट नहीं देखने को मिलते।
फसल उत्पादन दोगुना करने के 10 आसान टिप्स: 10 easy tips to double crop production
किसान साथियों नमस्कार, कृषि में सफलता के लिए कुछ आसान और जरूरी कदमों का पालन ...
COPB-95 अर्ली गन्ना किस्म की विशेषताएं|COPB-95 Early Sugarcane Variety
गन्ना एक प्रमुख व्यावसायिक फसल है। जो विषम परिस्थितियों में भी किसानों को एक अच्छी पैदावार निकाल के देती है। गन्ने की खेती अपने आप में सुरक्षित और लाभकारी खेती होती है। दोमट मिट्टी जिसमें सिंचाई की उचित व्यवस्था हो। और भूमि का पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो गन्ने के लिए सर्वोत्तम रहती है। गन्ने की फसल में अधिक पानी की जरूरत होती है। होती है। गन्ना चीनी का मुख्य स्रोत है। लगभग पूरे भारत में गन्ने की खेती की जाती है।
आलू की खेती कम लागत में कैसे करें:How to do potato farming
आलू की खेती लगभग पूरे भारत में की जाती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भी आलू की खेती की जाती है। आलू बिजाई का सही समय हर क्षेत्र का अलग-अलग होता है। जब आपका आलू 20 से 30 दिन का होता है, उसे समय रात का तापमान 15 डिग्री से नीचे होना चाहिए। इस समय आलू में कांड बनते हैं और गर्मी में कांड कम बनते है। इसीलिए आलू की खेती सर्दी के मौसम में की जाती है।
लोकप्रिय गन्ना किस्म सीईओ-08272 की संपूर्ण विशेषताएं:CO-08272 Sugarcane Variety
सीईओ-08272 गन्ना किस्म एक अगेती गन्ना किस्म है। जो गन्ने में लगने वाले मुख्य रोग जैसे पोका बोइंग और रेड रोड रोगों के प्रति सहनशील है। इस किस्म का गन्ना ठोस होता है। इसकी लंबाई कम होती है।
गन्ने के कैंसर यानी सबसे खतरनाक रोग लाल सड़न रोग से बचाव कैसे करें|Red Rot In Sugarcane
लाल सड़न रोग गन्ने की फसल में लगने वाली एक फफूंदी जनक बीमारी है। जिसका अभी तक कोई कारगर इलाज नहीं मिल पाया। परंतु यदि सही समय पर ध्यान दिया जाए...
गन्ना किस्म COLK–14201 की यह खूबियां शायद आपको नहीं पता होंगी:New Sugarcane Variety
गन्ना किस्म COLK–14201 भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान द्वारा बनाई गई है। यह किस्म 8436 गन्ना किस्म से मिलती-जुलती किस्म है। या ये बोल सकते हैं कि यह 8436 गन्ना किस्म जो रसगुल्ला के नाम से प्रसिद्ध है, कि विकसित किस्म है।
गन्ने की अधिक पैदावार देने वाली गन्ना किस्म CO–11015 की विशेषताएं जानें:Sugarcane variety CO–11015
CO–11015 तमिलनाडु की गन्ना किस्म है। लेकिन इस किस्म की बजाई आप पुरे भारत में कर सकते है। जिसकी बजाई आप अक्टूबर और नवंबर में कर सकते हैं।
रेड रॉट रोग से बचाव के लिए इस गन्ना किस्म की करें बजाई:Early sugarcane variety of Uttar Pradesh
गन्ना किस्म COS-13231 एक उत्तर प्रदेश की गन्ना किस्म है। इस किस्म की पत्तियां मुलायम होती है। इसमें कांटे नहीं होते। इस किस्म की पोरी लम्बी होती है। और पोरी का कुछ भाग हल्का सफेद रंग का धब्बे होते है। इस किस्म की मोटाई माध्यम होती है।