पौधे में सूक्ष्म पोषक तत्वों का महत्व और कार्य(2024): Importance and function of micronutrients in plants

By Kheti jankari

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पौधे में सूक्ष्म पोषक तत्वों का महत्व और कार्य

नमस्कार किसान साथियों, आज हम पौधे में सूक्ष्म पोषक तत्व किस प्रकार कार्य करते हैं। और उनकी कमी के क्या लक्षण है। इस बारे में चर्चा करेंगे। जिस तरह से पौधे में प्राथमिक पोषक तत्व और माध्यमिक पोषक तत्व की आवश्यकता थोड़ी ज्यादा मात्रा में होती है। लेकिन पौधे में सूक्ष्म पोषक तत्व की कम मात्रा में आवश्यकता होती है। सूक्ष्म पोषक तत्व आप की पैदावार को भी प्रभावित करते हैं।

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सूक्ष्म पोषक तत्व कौन से होते है

जिन तत्वों की पौधे को बहुत कम मात्रा में जरूरत पड़ती है। सूक्ष्म पोषक तत्व कहलाते है। इनकी पौधे को चाहे कम मात्र में आवश्यकता पड़े लेकिन यह पौधे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सूक्ष्म पोषक तत्व 9 प्रकार के होते हैं।

  1. जिंक (zinc)
  2. लोहा  (iron)
  3. तांबा  (copper)
  4. बोरोन (boron)
  5. मैग्नीज (magnase)
  6. क्लोरीन (chlorine)
  7. जस्ता  (nickel)
  8. मोलेब्डेनम (Molebdenum)

पौधे में कौन कौन से हार्मोन पाए जाते हैं

जिंक (Zinc)

यह पौधे के जड़ों के शुरुआती विकास के लिए जरूरी होता है। जिंक की कमी होने से पूरे पौधे की बढ़वार रुक जाती है। फलों में यह कार्बोहाइड्रेट को बनाने के लिए जरूरी होता है। बीजों को पकने में और भरपूर पैदावार लेने के लिए जिंक की आपको बहुत ज्यादा आवश्यकता होगी। जिंक के बिना भरपूर पैदावार नहीं ली जा सकती। मिट्टी में जिंक का अवशेष इस्तेमाल के 5 साल बाद तक भी रहता है। इसलिए जिंक अगर आप मिट्टी में प्रयोग कर रहे हैं तो साल में एक बार ही करें।

लोहा (Iron)

यह जड़ों को ऑक्सीजन पहुंचाता है। और नाइट्रोजन को पौधों को उपलब्ध कराने में मदद करता है। तना और पत्तियों में यह क्लोरोफिल को बनाने में मदद करता है। यह प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में मदद करता है। आयरन को सप्रे के माध्यम से देना सही रहता है। अगर आप आयरन को मिट्टी में देते हैं तो चेलेटेड फॉर्म का इस्तेमाल सबसे अच्छा रहता है।

तांबा (Copper)

यह जड़ों में फंगस की तरह काम करता है। और नाइट्रोजन को उपलब्ध कराता है। तना और पत्तियों में यह पौधे की कोशिकाओं की दीवारों को मजबूत करता है। और जैविक बकरियों को तेज करता है इंजॉय उसको एक्टिवेट करता है यह फूलों को झड़ने से बचाता है और फलों के स्वाद और गुणवत्ता में इसका महत्वपूर्ण योगदान है इसके अवशेष मिट्टी में 5 साल तक रहते हैं

बोरोन ( Boron)

इसका मुख्य कार्य फूल फल और बीजों के लिए होता है फलों में शुगर की मात्रा बढ़ाने में यह मदद करता है। बोरोन का इस्तेमाल पौधे में फूल बनने से पहले ही कर देना चाहिए। फूल बनने के बाद बोरोन देने से पौधा उसका प्रयोग सही से नहीं कर पाता।

मैग्नीज (magnase)

बीजों के जमाव और जड़ों की बढ़वार में मैग्नीज का विशेष महत्व है। बिना मैग्नीज के पौधे हवा में ऑक्सीजन को नहीं छोड़ते। इसका हर फसल में इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि इसके अवशेष मिट्टी में नहीं रहते।

क्लोरीन (chlorine)

क्लोरीन से ही पौधा पानी को नियंत्रण करता है। यह पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

जस्ता (nickel)

निकेल बीजों के जमाव में सहायता करता है। लेकिन मिट्टी में इसकी मात्रा पहले से ही होती है इसलिए इसका अलग से प्रयोग नहीं करना पड़ता।

मोलेब्डेनम (molebdenum)

इसको देने का सबसे अच्छा तरीका है बीज शोधन है। यह बीज के माध्यम से ही पौधे में प्रवेश करता है।

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सूक्ष्म पोषक तत्व आपकी फसल की पैदावार के साथ – साथ पौधे के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में सूक्ष्म पोषक तत्व महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए किसान भाइयों को अपनी फसल में जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, सल्फर और जिंक का प्रयोग करते हैं।उसी प्रकार सूक्ष्म पोषक तत्वों का प्रयोग भी अवश्य करना चाहिए। आपको यह मेरा प्रयास कैसा लगा कृपया कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं। धन्यवाद किसान भाइयों।

FAQ

1. पौधे को बढ़ने के लिए क्या चाहिए?
Ans. पौधे को बढ़ने के लिए सूर्य का प्रकाश, पानी, हवा, पोषक तत्व और उचित तापमान की आवश्यकता होती है।
2. पौधे में फिटकरी डालने से क्या होता है?
Ans.फटकारी पौधे को पोटेशियम और अन्य पोषक तत्व ग्रहण करने में सहायता करती है। यह फसल में फंगिसाइड के रूप में भी कार्य करती है। इसके प्रयोग से पौधे हरे भरे दिखाई देते है।

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