गेहूं में समय से पहले बालियाँ निकालने का मुख्य कारण(2023):उत्पादन पर कितना असर, कृषि विज्ञानकों ने दी ये सलाह:wheat cultivation

By Kheti jankari

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गेहूं में समय से पहले बालियाँ निकालने का मुख्य कारण

गेहूं में समय से पहले बालियाँ निकालने का मुख्य कारण। कृषि विज्ञानकों ने दी ये सलाह। गेहूं की खेती। गेहूं में बलिया निकलने से कितना नुकसान। कृषि वैज्ञानिकों की सलाह। wheat cultivation.

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किसान साथियों नमस्कार, अबकी बार गेहूं किसानों के सामने एक और नई समस्या देखने को मिल रही है। गेहूं की फसलों में दिसंबर में ही बालियाँ निकालने शुरू हो गई है। किसान इस बात से परेशान हैं, कि इतनी जल्दी बालियाँ कैसे निकल आयी। कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर ओपी बिश्नोई ने दिसंबर में बालियां निकलने के कुछ कारण बताएं और किसानों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। जिसे आप आगे लेख में जानें –

गेहूं में जल्दी बालियाँ निकालने का मुख्य कारण

कृषि वैज्ञानिकों द्वारा दिसंबर में बालियां निकलने का मुख्य कारण एलिनो बताया गया है। एलिनो समुद्र में होने वाली एक प्रक्रिया है, जिसमें समुद्र का गर्भ हवाएं भारत की तरफ ना होकर साउथ अमेरिका की तरफ अधिक है। जिस कारण से भारत में बारिश कम हो रही है, और मौसम भी अधिक गर्म है। रात के समय टेंपरेचर थोड़ा ठंडा रहता है, और दिन में ज्यादा गर्मी पड़ती है। दिन बड़ा होने की वजह से पौधे को धूप भी अधिक मिलती है। इसलिए गेहूं में यह समस्या देखने को मिल रही है।

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गेहूं में यह समस्या अगेती बिजाई वाले किसानों को ज्यादा देखने को मिल रही है। जिन किसानों ने समय पर बजाई की है। उनके खेतों में यह समस्या नहीं दिख रही। कृषि वैज्ञानिक का कहना है, कि जिन किसानों ने ऐसी किस्म का चयन किया है। जो अगेती बिजाई के लिए नहीं बानी है। उनमें भी यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है।

गेहूं में जल्दी बालियाँ निकलने से नुकसान

कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि गेहूं में इस समय बलिया निकलने से किसानों को इतना ज्यादा नुकसान नहीं होगा। अगर आगे तापमान कम रहे। अगर तापमान में ऐसे ही गर्मी बनी रहेगी। तब किसानों को अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। जिन खेतों में बाली निकल भी गई है, उन खेतों में भी अधिक नुकसान नहीं होने वाला। क्योंकि जो बाकी कल्लों में बालियां निकलेगी। उनमें दाने अच्छे और पुरे बनेगे।

कृषि वैज्ञानिकों की सलाह

जिन गेहूं के खेतों में बालियाँ जल्दी निकल आई है। उन खेतों में किसान भाइयों के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने कुछ कार्य करने को बोला है। जो नीचे बताई गई है-

  • खेत में नमी बनाए रखें और उसमें समय-समय पर पानी दें।
  • खेत में जिंक, सल्फर और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का समय-समय पर स्प्रे करते रहें।
  • अगर ऐसे ही तापमान में गर्मी बनी रहती है, तो पोटाश का स्प्रे भी जल्दी करें।
  • खेत में यूरिया भी डाल सकते हैं। जिससे पौधे थोड़े नरम बने रहें और उनमे फुटाव हो सके।

किसान साथियों अगर ऊपर बताए गए, ये दो-तीन काम कर लेते हो, तो आप अपनी फसल में होने वाले नुक्सान से बच सकते है। मौसम में गर्मी के कारण गेहूं में नुकसान हो सकता है। इसलिए अपनी फसल का ध्यान रखें। आपकी अच्छी फसल की कामना करते हुए, मैं अपनी बात को समाप्त करता हूं। अगर आपको मेरा प्रयास अच्छा लगा, तो कृपया कमेंट करें और इसे आगे दूसरे किसानों तक अवश्य शेयर करें। धन्यवाद!

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