सरसों में तेजी से फ़ैल रहा है, सफेद तना गलन रोग कैसे करें रोकथाम(2024):white stem rot disease in mustard

By Kheti jankari

Updated on:

सरसों में तेजी से फ़ैल रहा है, सफेद तना गलन रोग

सरसों में तेजी से फ़ैल रहा है, सफेद तना गलन रोग के समधान के लिए आपको रोग आने से पहले ही उपाय करने पड़ेगें। क्यूंकि इस रोग को आने के बाद रोकना थोड़ा मुश्किल होता है। इस रोग की समय पर पहचान और रोकथाम करने के लिए पूरा लेख पढ़ें।

सरसों वाले किसान सावधान:तेजी से फ़ैल रहा है ये रोग

पिछले दो-तीन सालों से सरसों की बजाई अधिक मात्रा में की जा रही है। सरसों एक तिलहनी फसल है। जिससे तेल निकलता है। सरसों की बजाई रबी सीजन में की जाती है। पिछले सालों में सरसों की फसल में सफेद तना गलन रोग की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। वास्तव में इस रोग का कोई प्रभावी इलाज नहीं है। लेकिन फिर भी बीज और भूमि उपचार करके आप इस रोग की रोकथाम आसानी से कर सकते हैं। यह एक खतरनाक रोग है। जो आपकी सरसों की फसल को पूरी तरह से नष्ट कर सकता है।

सरसों में सफ़ेद तना गलन रोग की पहचान

इस रोग में पौधे का तना गल कर सुख जाता जाता है। सरसों में इसकी पहचान के लिए आपको जमीन से थोड़ा ऊपर तने में सफेद रंग की फंगस या उल्ली दिखाई देती हैं। जिस स्थान पर यह फंगस लगती है। वहां लंबे समय के बाद पौधा का तना टूटकर पौधे सुख जाते हैं, और धीरे-धीरे आपकी पूरी फसल नष्ट हो जाती है। इस रोग तने पर भूरे, काले और सफ़ेद धब्बे दिखाई देते है।

सरसों में फूल आने पर पैदावार बढ़ाने के लिए यह दो जरूरी काम करें

सरसों में सफ़ेद तना गलन रोग फैलने का उपयुक्त समय

सरसों में यह रोग दिसंबर और जनवरी के महीने में अधिक मात्रा में लगता है। क्योंकि इस समय मौसम में नमी अधिक रहती है। दिसंबर और जनवरी महीने में अगर बारिश हो जाए और कोहरा लगातार बना रहता है। जिससे सरसों के नीचे की पत्तियों में नमी बनी रहती है। और फंगस पौधे तने पर लग जाती है। इन दिनों यह रोग अधिक तेजी से फैलता है।

सरसों में सफेद तना गलन रोग की रोकथाम

सरसों में सफेद तना गलन रोग की रोकथाम रोग आने के बाद करना थोड़ा मुश्किल होता है। इसलिए इस रोग की रोकथाम के लिए आपको उपाय आने से पहले ही करने पड़ते हैं।

  • इस रोग खेत में आने से पहले इसकी रोकथाम के लिए आपको बाविस्टिन (कार्बेन्डाजिम 50% WP) 2 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से स्प्रे करें है। ताकि इस रोग की फंगस आपके खेत में आने से पहले ही रोका जा सके।
  • यह रोग आने के बाद आप इसमें एम-45 (मैंकोजेब 75% डब्लू.पी) 2 ग्राम प्रति लीटर और टाबोकनोजोले 1ml प्रति लीटर के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं।

इस रोग की रोकथाम के लिए आप खेत बिजाई से पहले जमीन उपचार और बीज उपचार अवश्य करें।

नोट-अगर आपके क्षेत्र में यह रोग फैलता है, या पिछले सालों में फैला है। तो आप इसकी रोकथाम के लिए उपाय करें। अगर आपके क्षेत्र में यह रोग नहीं फैलता तो आपको इसमें कुछ भी स्प्रे करने की आवश्यता नहीं है।

आपको मेरे द्वारा दी गई जानकारी कैसी लगी। कृपया कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं। ताकि आगे भी मैं ऐसी अच्छी जानकारी आपके लिए ला सकूं। धन्यवाद!

FAQ

सरसों में कौन सा रोग होता है?
सरसों में तना गलन, जड़ गलन, सफ़ेद रतुआ रोग मुख्या रूप से फैलते है।

ये भी पढ़ें – सरसों वाले किसान सावधान:समय पर करें इस रोग की रोकथाम नहीं तो नष्ट हो सकती है आपकी सरसों की फसल

सरसों में यूरिया डालने का सही समय और मात्रा के बारे में

सरसों की फसल में अधिक उत्पादन और तेल की मात्रा बढ़ने वाला सबसे ताकतवर खाद

सरसों में सफ़ेद रतुआ रोग की पहचान:समय पर करें रोकथाम, नुक्सान से बचें

Kheti jankari

खेती जानकारी एक ऐसी वेबसाइट है। जिसमें आपको कृषि से जुड़ी जानकारी दी जाती है। यहां आप कृषि, पशुपालन और कृषि यंत्रों से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते है।

1 thought on “सरसों में तेजी से फ़ैल रहा है, सफेद तना गलन रोग कैसे करें रोकथाम(2024):white stem rot disease in mustard”

Leave a Comment