गन्ना

VCF-0517 गन्ना किस्म की विशेषताएं:VCF-0517 Sugarcane Variety Characteristics

भारत में गन्ने की अनेक प्रजातियां देखने को मिलती हैं। जो काफी अच्छी पैदावार निकाल कर देती हैं। लेकिन महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ने की कुछ ऐसी किस्में है। जो अब तक सबसे अधिक पैदावार देने वाली किस्म है। जो कर्नाटक के विज्ञानियों द्वारा तैयार की गई है। यह किस्म VCF-0517 के नाम से जानी जाती है। यह किस्म पिछले 5 से 6 सालों में कर्नाटक के किसानों को सबसे अधिक पैदावार निकालकर दे रही है।

गन्ना बिजाई में प्रयोग होने वाले टॉप 3 कीटनाशक:Top 3 pesticides used in sugarcane

गन्ना बिजाई में प्रयोग होने वाला टॉप कीटनाशकों की बात करें। तो आपको बाजार में अलग-अलग कंपनी द्वारा काफी सारे कीटनाशक देखने को मिल जाते हैं। गन्ना बिजाई में जितना महत्व खादों का होता है। उससे कई ज्यादा महत्व कीटनाशकों का होता है। क्योंकि हमें ऐसे कीटनाशकों को चयन करना चाहिए। जो हमारी फसल को लंबे समय तक कीटों से बचाव कर सकें। क्योंकि गन्ने में कंसुआ रोग बहुत जल्दी फैलता है। यह पहले पानी के साथ ही शुरू हो जाता है। ऐसे में हमें ऐसे कीटनाशकों को चयन करना चाहिए। जो लगभग 40 से 45 दिन का रिजल्ट दें।

colk-16202 गन्ना किस्म की विशेषताएं:colk-16202 sugarcane variety characteristics

किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए अच्छी-अच्छी किस्मों का निर्माण वैज्ञानिक लगातार करते आ रहे हैं। ऐसे ही यूपी के वैज्ञानिकों ने एक नई किस्म colk-16202 को निकाला है। यह गन्ना किस्म यूपी के किसानों के लिए स्वीकृत की गई है। यह एक अगेती गन्ना किस्म है। जो अगले वर्ष तक किसानों के लिए पूरी तरह से उपलब्ध हो जाएगी।

गन्ना नर्सरी कैसे तैयार करें:How to prepare sugarcane nursery

गन्ना नर्सरी से गन्ने की बिजाई करने के किसानों को काफी ज्यादा लाभ देखने को मिल रहे हैं। क्योंकि एक तो इसमें कीट रोग बहुत कम मात्रा में लगते हैं। और दूसरा बीज भी कम लगता है। इसलिए किसान भाई काफी अधिक मात्रा में गन्ने की नर्सरी तैयार करके बजाई कर रहे हैं। इसके उन्हें अनेक लाभ देखने को मिलते हैं।

एक आंख के गन्ने की बिजाई करते समय मुख्य सावधानियां:Main precautions while planting single eyed sugarcane

एक आंख के गन्ने की बिजाई करते समय हमें कुछ सावधानियां का इस्तेमाल करना पड़ता है।षि वैज्ञानिक भी एक आंख के गन्ने की बिजाई करने की सिफारिश करते है। एक आंख के गन्ने की बिजाई करते समय किसान अक्सर कुछ गलतियां कर बैठते हैं। जिससे उनका 100% तक जमाव नहीं होता और उनकी पैदावार कहीं ना कहीं घट जाती है।

COPB-95 अर्ली गन्ना किस्म की विशेषताएं(2023)|COPB-95 Early Sugarcane Variety

गन्ना एक प्रमुख व्यावसायिक फसल है। जो विषम परिस्थितियों में भी किसानों को एक अच्छी पैदावार निकाल के देती है। गन्ने की खेती अपने आप में सुरक्षित और लाभकारी खेती होती है। दोमट मिट्टी जिसमें सिंचाई की उचित व्यवस्था हो। और भूमि का पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो गन्ने के लिए सर्वोत्तम रहती है। गन्ने की फसल में अधिक पानी की जरूरत होती है। होती है। गन्ना चीनी का मुख्य स्रोत है। लगभग पूरे भारत में गन्ने की खेती की जाती है।

गन्ना नर्सरी:कैसे है लाभकारी,संपूर्ण जाने, प्रगतिशील किसानों की पहली पसंद क्यों बना ये तरीका:Benefits of preparing sugarcane nursery

गन्ने की वैसे तो अनेक विधियां देखी जाती हैं, और उनसे गन्ने की बिजाई भी किसान लंबे समय से करते आ रहे हैं। लेकिन पिछले 1 से 2 सालों में गन्ना नर्सरी तैयार करने का चलन काफी बढ़ गया है। गन्ना नर्सरी से बिजाई करने पर किसानों को काफी ज्यादा लाभ भी देखने को मिल रहे हैं। गन्ना नर्सरी क्यों लाभकारी है, अगर इस पर बात करें तो इसके अनेक लाभ हैं। जो आप नीचे इस लेख में बताये गए है। प्रगतिशील किसान इस समय गन्ने की नर्सरी से काफी अच्छी पैदावार ले रहे हैं।

CO-5011 गन्ना किस्म की विशेषताएं:CO-5011 Sugarcane Variety Characteristics

गन्ने की अनेक किस्म में अलग-अलग खूबियां पाई जाती हैं। जिसके कारण वह अलग-अलग क्षेत्र में काफी अच्छी पैदावार निकाल कर देते हैं। वैज्ञानिकों ने 2016 में गन्ने की एक नई किस्म तैयार की थी। जो CO-5011 के नाम से प्रसिद्ध है। गन्ने की इसकी किस्म की काफी सारी विशेषताएं हैं। किसान भाई इस किस्म से काफी अच्छी पैदावार ले रहे हैं। इस गन्ना किस्म को बनाने में वैज्ञानिकों को 8 से 10 साल लगे हैं। यह अगेती गन्ना किस्म है।

पैड़ी गन्ने में पहला मुख्या खाद:अधिक कल्लों और मजबूत गन्ने के लिए मुख्या खाद:First main fertilizer in paddy sugarcane

आज इस लेख में आपको गन्ने में अच्छी और अधिक टेलरिंग के लिए कौन सी खाद का प्रयोग करना है, इस बारे में संपूर्ण जानकारी मिलेगी। गन्ने की खेती के लिए जल निकास वाली 2 दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। जब हम पौधा गन्ने की बिजाई करते हैं। तो उससे किसानों को ज्यादा पैदावार देखने को मिलती है। लेकिन पैड़ी गन्ना में पैदावार थोड़ी घट जाती है। इसका मुख्य कारण होता है। कि शुरू में समय पर खादों का सही प्रयोग ना करना।

गन्ना बोने की वर्टिकल विधि:बंपर पैदावार का लेने का आसान तरीका:What is vertical method of sugarcane

गन्ने बिजाई की रोज नई-नई विधियां आपको देखने को मिल रही है। जिसमें मुख्य विधियां रिंग पिट विधि, ट्रैंच विधि और पौधा नर्सरी से गन्ने की बिजाई की जाती है। लेकिन गन्ने की एक नई विधि काफी प्रचलित है। यह विधि सबसे पहले यूपी के किसानों द्वारा अपनायी गयी थी। इसमें बीज कम मात्रा में लगता है। इस विधि से किसान बड़ी अच्छी पैदावार निकल के दे रहे है। गन्ने की यह विधि वर्टिकल विधि के नाम से जानी जाती है।

गन्ने की टॉप 10 किस्में:Top 10 varieties of sugarcane

गन्ने की अनेक इसमें भारत में बिजाई की जाती है। इनमें से कुछ किस्में किसान भाई लंबे समय से प्रयोग करते आ रहे हैं। लेकिन अब वह इतनी अच्छी पैदावार निकाल कर नहीं देती या ये कहें की नई-नई किस्में उनसे ज्यादा पैदावार निकाल कर देती हैं। पुरानी किस्मों में रोग भी बहुत कम मात्रा में लगते हैं।

गन्ने की खेती से अधिक पैदावार लेने के सिंपल तरीके:प्रगतिशील किसान का अनुभव:how get more yield from sugarcane farming

गन्ने की अनेक विधियों से बजाई की जाती है। लेकिन गन्ने की जो पुरानी और परंपरागत विधि है, उसमें किसान 28 इंच की दूरी पर बिजाई करते है। भारत के ज्यादातर किसान इसी विधि से बिजाई करते हैं। लेकिन अब कुछ किसान रिंग फिट विधि, वर्टिकल विधि और ट्रेंच विधि से भी गन्ने की बिजाई करने लगे हैं। आजकल गन्ने की पौध तैयार करके भी बिजाई की जाती है। गन्ने की लगभग सभी विधियां एक जैसी ही पैदावार निकाल कर देती हैं। 10% किसानों पर ही गन्ने की पैदावार अधिक निकलती है।

गन्ने में खरपतवार उगने से रोकने का आसान तरीका:Easy way to prevent weeds in sugarcane

खेती में किसानों के लिए खरपतवार एक बड़ी समस्या शुरू से ही बनी हुई है। खरपतवार उगने से किसानों को आर्थिक लाभ तो होता ही है, इसके साथ-साथ उनका जमीन में पड़े खादों को भी खरपतवार ग्रहण करते हैं। जिससे पौधे को पूरा पोषण नहीं मिल पाता। गन्ने में अक्सर देखा जाता है, की गन्ने के जमाव से पहले ही खरपतवार उग जाते हैं। खरपतवार फंगस और कीट रोग फैलने का भी मुख्य कारण होता है। कीट और फंगस खरपतवारों में पनपते रहते हैं। जो धीरे-धीरे फसल में लगकर उसको नष्ट करने का काम करते हैं।

colk-15201 गन्ना किस्म की विशेषताएं:Indian Sugarcane Research Institute Lucknow variety

गन्ना वैज्ञानिक समय समय पर किसानों के लिए नई-नई किस्म बनाते हैं। जिससे किसान कम खर्चे में अधिक पैदावार ले सकें। गन्ने की कुछ पुरानी किस्म किसानों को काफी अच्छी पैदावार निकाल कर देख रही हैं। लेकिन उनमें अब रोग अधिक मात्रा में देखने को मिलते हैं। जिससे किसानों का इन किस्म पर खर्च थोड़ा अधिक बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश के उत्तर प्रदेश के वैज्ञानिकों ने गन्ने की एक नई किस्म बनाई है। जो colk-15201 के नाम से जानी जाती है। यह किस्म वर्ष 2023 में तैयार की गई थी

गन्ने की उपज बढ़ाने का मूल मंत्र:गन्ना वैज्ञानिकों ने पौधा गन्ना और पैड़ी गन्ना के लिए बताया ये तरीका:Solution to increase sugarcane production

इस समय पौधा गन्ना की कटाई चल रही है, और कुछ किसान भाई गन्ना की बिजाई भी शुरू कर रहे होंगे। हम गन्ने से किस प्रकार अधिक पैदावार ले सकते हैं। गन्ने से अधिक पैदावार लेने के लिए आपको हमें उसमें शुरू से ही कुछ कार्य करने पड़ते हैं। जिससे उसकी शुरू से ही ग्रोथ होकर चले और वह आपको अच्छी पैदावार निकाल कर दे। इसके लिए हम खाद के साथ-साथ कुछ और चीजों का भी ध्यान रखना पड़ता है। इन सब चीजों को मिलकर ही एक खेत से अच्छी पैदावार ली जा सकती है।

2024 में गन्ना किस्म 0238 की बिजाई:करें यह जरूरी काम, रोगों से बचाव करने का आसान तरीका:Way to protect sugarcane variety CO-0238 from diseases

पिछले वर्षों में देखा जा रहा है, कि गन्ना किस्म CO-0238 किसानों को कई काफी अच्छी पैदावार निकाल कर दे रही थी। पैदावार की बात करें, तो इस किस्म ने आज तक गन्ने की सभी किस्मों में सबसे अधिक पैदावार निकाल कर दी है। लेकिन अब यह किस्म रोग ग्रसित हो चुकी है। इसमें काफी अधिक मात्रा में रेड रॉट, टॉप बोरर और पोका बोइंग जैसे रोग देखने को मिल रहे हैं। जिससे किसानों का इस किस्म पर खर्च काफी अधिक बढ़ गया है, और उनकी पैदावार भी घाटी है। क्योंकि गन्ने में रोग ही इतनी भयानक लगते कि बार-बार स्प्रे करने पर भी वह आसानी से कंट्रोल नहीं किया जा सके।

पौधा गन्ना की कटाई के बाद मुख्य स्प्रे:Main spray of plant after harvesting of sugarcane

पौधा गन्ना की कटाई शुरू हो चुकी है। किसान भाई फरवरी से लेकर मार्च तक पौधा गन्ना की कटाई करते हैं। कुछ किसान भाई गेहूं वाले खेतों में गन्ना बिजाई करते हैं, और वह उसे समय तब भी गन्ने का बीज रखने के लिए गन्ने को रखते हैं। जब भी आप पौधा गन्ना की कटाई करें। उसके बाद आपको उसमें कुछ ऐसे कार्य करने चाहिए। जिससे उसमें शुरू से ही कीट रोग या फंगस रोग ना लगे और आपके कल्लों का फुटाव बेहतर हो। क्योंकि अक्सर देखा जाता है, कि किसान भाई गन्ना कटाई के बाद उसमें गन्ने की जड़ें कट फट जाती हैं, और उनमें फंगस और कीट रोग ज्यादा मात्रा में देखने को मिलते हैं। जिससे जड़ें खराब हो जाती हैं, और उनका जमाव अच्छे से नहीं होता। इसलिए हमें गन्ना कटाई के तुरंत बाद ही उसमें एक स्प्रे कर देना चाहिए।

CO-3102 गन्ना किस्म की विशेषताएं:New variety of sugarcane

गन्ने की अनेक किस्म भारत के अलग-अलग राज्यों में बिजाई की जाती है। लेकिन कुछ ऐसी किस्में भी है, जो लगभग सभी क्षेत्रों में काफी अच्छी पैदावार निकाल कर देती है। गन्ने की सबसे अधिक पैदावार महाराष्ट्र में निकलती है। लेकिन अब हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में भी गन्ने की ऐसी नई-नई किस्में देखी जा रही हैं। जो महाराष्ट्र के बराबर पैदावार निकाल कर दे रही हैं। ऐसी ही एक गन्ना किस्म जिसकी बजाई आप लगभग पूरे भारत में कर सकते हैं। यह गन्ना किस्म ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा में काफी अच्छी पैदावार निकाल कर दे रही है।