धनिया में लोंगिया रोग:खराब मौसम में यह है सबसे अच्छा सबसे अच्छा फफूंदी नाशक:Treatment of Stem Gall disease in coriander

By Kheti jankari

Published on:

धनिया में लोंगिया रोग

धनिया में लोंगिया रोग। खराब मौसम में यह है सबसे अच्छा सबसे अच्छा फफूंदी नाशक। धनिया की खेती। धनिया में लोंगिया रोग की पहचान। धनिया में लोंगिया रोग की रोकथाम के उपाय। Treatment of Stem Gall disease in coriander.

चने में जड़ गलन समस्या:किसानों के अनुभव, ये कुछ बातें आपको कोई नहीं बताएगा

किसान साथियों नमस्कार, इस समय मौसम में काफी नमी देखी जा रही है। लगातार 15 दिन से धुंध पड़ रही है। इस समय फसलों में फंगस रोग बहुत तेजी से फैल रहे हैं। सरसों, धनिया और लहसुन जैसी लगभग सभी फसलों में फंगस रोग फैल रहा है। किसान भाई कृपया अपनी फसलों का ध्यान रखें और उनका समय पर निरीक्षण करते रहें। ऐसे ही इस समय धनिया में लोंगिया रोग तेजी से फैल रहा है। इस रोग के लक्षण और इसको रोकने के तरीके के बारे में संपूर्ण जानकारी के लिए पूरा लेख पढ़ें।

धनिया में लोंगिया रोग की पहचान

इस रोग को लोंगिया रोग इसे इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह आपकी धनिया की फसल को लोंग के आकर का कर देता है। धनिया में लोंगिया रोग की शुरुआती लक्षण जमीन के ऊपर तने से शुरू होते हैं। इसमें तने के ऊपर भाग पर हल्की-हल्की फोड़े टाइप गांठे बन जाती हैं। जो धीरे-धीरे पूरे पौधे में फैल जाती हैं। यह रोग पूरे पौधे के आकार को टेढ़ा-मेढ़ा कर देते हैं। धनिया भी लोंगिया रोग मुख्य रूप से जनवरी और फरवरी में ही फैलता है। यह एक फंगस बीमारी है। हम अपनी धनिया की फसल को ऊपर से देखते रहते हैं। लेकिन यह रोग जड़ों के पास से शरू होता है, और पुरे पौधे में फैलता है। इसलिए किसान भाई अपने खेत का समय पर निरीक्षण करते रहें।

मूंग की उन्नत खेती:बजाई समय, बीज मात्रा सम्पूर्ण

धनिया में लोंगिया रोग की रोकथाम के उपाय

धनिया में लोंगिया रोग एक फंगस जनित रोग है। इसलिए इसकी रोकथाम के लिए हमें फफूंदी नाशक का इस्तेमाल करना पड़ता है। इसके लिए आप किसी भी हल्के फफूंदी नाशक का प्रयोग कर सकते हैं। मैं आपको नीचे दो-तीन दिन फफूंदी नाशकों बताऊंगा जिनका आप प्रयोग कर सकते है –

आप ऊपर दिए गए इन दोनों फफूंदी नासक में से किसी भी फफूंदी नासक का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन सबको आपको इस रोग में अच्छे रिजल्ट देखने को मिलेंगे। इस फफूंदीनाशक के साथ आप कीटनाशक भी अवश्य मिला लें। क्यूंकि इस समय माहु का अटैक भी धनिया में देखा जा रहा है। इसके लिए आप इमिडाक्लोप्रिड 17.8% एस.एल 1ml प्रति लीटर या एसीफेट 50% + इमिडाक्लोप्रिड 1.8% एसपी 0.5ml प्रति लीटर के हिसाब से साथ में मिला लें।

आपको मेरे द्वारा दी गई जानकारी कैसी लगी। कृपया कमेंट के माध्यम से मुझे जरूर बताएं और इसे अन्य दूसरे किसानों तक भी अवश्य शेयर करें। धन्यवाद!

FAQ

धनिया की फसल में कौन कौन से रोग लगते हैं?
धनिया की फसल में लोंगिया रोग मुख्या रूप से लगता है। इसके साथ इसमें कुछ किट रोग भी लगते है।

ये भी पढ़ें – किसानों के बीच मशहूर है मूंग की यह किस्म

सूरजमुखी की खेती करने का वैज्ञानिक तरीका:बिजाई समय,बीज मात्रा

सरसों में माहू कीट(तेला चेपा) का नियंत्रण कैसे करें:फलियां बनने के समय हल्के में ना लें

सरसों में सफ़ेद रतुआ रोग की पहचान:समय पर करें रोकथाम, नुक्सान से बचें

Kheti jankari

खेती जानकारी एक ऐसी वेबसाइट है। जिसमें आपको कृषि से जुड़ी जानकारी दी जाती है। यहां आप कृषि, पशुपालन और कृषि यंत्रों से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते है।

Leave a Comment