सरसों में सफ़ेद रतुआ रोग की पहचान:समय पर करें रोकथाम, नुक्सान से बचें,Identification of white rust disease in mustard

By Kheti jankari

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सरसों में सफ़ेद रतुआ रोग की पहचान

सरसों में सफ़ेद रतुआ रोग की पहचान। सरसों में सफेद रतुआ रोग कब लगता है। सरसों में सफ़ेद रतुआ की रोकथाम। सरसों में सफेद रतुआ रोग लगने का सही समय। सरसों में मुख्या रोग। Identification of white rust disease in mustard

सरसों में तेजी से फ़ैल रहा है, सफेद तना गलन रोग कैसे करें रोकथाम

सरसों में सफेद रतुआ या सफेद रोली रोग अक्सर देखने को मिलता है। जब यह रोग लास्ट स्टेज पर होता है। किसान तब देखता है, इसका क्या उपाय करें। तब लेकिन तब यह पूरी तरह से कंट्रोल नहीं होता। क्योंकि इस रोग से जो सरसों की फसल को नुकसान होना होता है। वह उसे समय तक हो जाता है। सरसों की फसल में सफेद रतुआ रोग की पहचान और इसको रोकने के लिए क्या-क्या उपाय करने चाहिए। इस बारे में संपूर्ण जानकारी मिलेगी।

सरसों में सफ़ेद रतुआ रोग की पहचान

सरसों में इस समय डाउन मेलोडी रोग और सफेद रतुआ रोग मुख्य रूप से लगते हैं। डाउन मेलोडी रोग और सफेद रतुआ रोग को पहचान करने में किसानों को मुश्किल होती है। कई बार किसान इन दोनों रोगों में अंतर नहीं कर पाते।

सरसों वाले किसान सावधान:समय पर करें इस रोग की रोकथाम नहीं तो नष्ट हो सकती है

सफेद रतुआ रोग में आपको पत्तों के निचले भाग पर सफेद रंग के छोटे-छोटे फफोले दिखाई देंगे। ओर नीचे की पत्तियों को देखोगे तो इसमें यह फफोले अधिक मात्रा में देखने को मिलेंगे। धीरे-धीरे यह फफोले बड़े होकर पत्ती को सूखा देते है। इस रोग में फलियां के नीचे का भाग भी फूल कर मोटा हो जाता है, और उसे पर भी सफेद सफेद रंग के फफूंद लग जाते हैं। पत्ते सूखने से पौधे में खाना लेना बंद कर देता है। फलियां में दाने नहीं बनते या कम बनते है।

सरसों में सफेद रतुआ रोग लगने का समय

जब आपके खेत में नमी बढ़ जाती है। और तापमान कम हो। उसे समय यह रोग अधिक मात्रा में लगता है। जब अपने खेत में पानी दिया हो और धुंध के कारण दिन में सूरज न निकले, तो पौधे के नीचे पत्ते गीले रहते है। जिससे यह रोग तेजी से फैलता है।

सरसों में सफ़ेद रतुआ की रोकथाम

फूल आने पर सरसों में स्प्रे करना, वैसे तो मुश्किल होता है। लेकिन फिर भी इसकी रोकथाम के लिए किसानों को स्प्रे करना ही पड़ता है। सरसों में सफ़ेद रतुआ की रोकथाम के लिए आप नीचे देख कुछ टेक्निकल का इस्तेमाल कर सकते हो।

नोट-ऊपर दिए गए स्प्रे को एक से दो बार अपनी सरसों की फसल में अवश्य करें। ताकि सरसों की फसल को रोगों से बचाया जा सके।

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FAQ

सरसों में फूल आने पर क्या करना चाहिए?
सरसों में फूल आने पर NPK-0050 1kg प्रति एकड़ हिसाब से स्प्रे करें।

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