गेहूं की फसल में पानी देने के बाद पीलापन:ये है मुख्य कारण, मात्र 150 रुपए में गेहूं का पीलापन दूर करें।

By Kheti jankari

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गेहूं की फसल में पानी देने के बाद पीलापन

गेहूं की फसल में किसानों ने पानी लगना शुरू कर दिया है। कुछ किसानों की गेहूं की फसल में पानी लगाने से पहले भी हल्का पीलापन दिखाई दे रहा था। यह पीलापन पानी देने के बाद और भी अधिक बढ़ जाता है। गेहूं में पीलापन जिंक, सल्फर, मैग्नीशियम और मैंगनीज की कमी के कारण आता है। लेकिन अगर आपने पिछली फसल में जिंक डाली है, तो आपको गेहूं में जिंक डालने की आवश्यकता नहीं पड़ती। सल्फर आप गेहूं में डाल देते हो। लेकिन अगर उसके साथ ही पीलापन दूर ना हो, तो आपकी गेहूं में मैगनीज की कमी है। मैंगनीज और मैग्नीशियम दोनों अलग-अलग तत्व होते हैं। दोनों का काम करने का तरीका भी अलग होता है। मैंगनीज फसल में किस प्रकार कार्य करता है, आगे जानें-

गेहूं में जिंक डालें या नहीं

गेहूं में मैंगनीज की कमी के लक्षण

मैंगनीज की कमी गेहूं की ऊपरी पतियों पर देखने को मिलती है। मैंगनीज की कमी से गेहूं की पत्तियों पर हल्के व छोटे-छोटे धब्बे दिखाई देते हैं। इसमें पत्ते पर हल्का पीलापन आ जाता है। मैंगनीज की कमी होने से पौधे की क्लोरोफिल की मात्रा कम हो जाती है। जिससे उसमें पीलापन दिखाई देने लगता है। इसकी कमी से खेत में छोटे-छोटे भाग आपको पीले नजर आने लग जायेंगे।

गेहूं में मैंगनीज की कमी के कारण

गेहूं में मैंगनीज की कमी कई कारणों से हो सकती है। इसकी कमी के मुख्या कारण नीचे बताए गए हैं।

  • अत्यधिक मात्रा में पानी का खड़ा रहना।
  • ठंड के कारण भी गेहूं में मैंगनीज की कमी देखी जाती है।
  • घास मारने वाली दवाई के इस्तेमाल से भी गेहूं में मैंगनीज की कमी हो जाती है।
  • अगर आपकी मिट्टी का पीएच लेवल अधिक है तो इसमें भी मैंगनीज की कमी आ सकती है।

गेहूं में मैंगनीज के कार्य

मैंगनीज पौधे में क्लोरोफिल की मात्रा को बढ़ाने में मदद करता है। जिससे पौधे में फुटाव और हरापन आता है। मैंगनीज का प्रयोग करने से आपको फसल में कोई भी ग्रोथ प्रमोटर डालने की आवश्यकता नहीं पड़ती। कल्लों का फुटाव ये आसानी से करा देता है।

गेहूं में मैंगनीज डालने का सही समय

मैंगनीज का प्रयोग पानी देने से 3 से 4 दिन पहले या फिर पानी देने के 3 से 4 दिन बाद प्रयोग कर सकते हैं। इसका आपको फसल में एक बार ही प्रयोग करना है। इसे स्प्रे के द्वारा ही डालना चाहिए।

गेहूं में मैंगनीज की मात्र

मैंगनीज एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं जा सकता। इसलिए इसका प्रयोग हमें स्प्रे में करना पड़ता है। मिट्टी में मैंगनीज नहीं डालना चाहिए। मैंगनीज की स्प्रे में 1 किलोग्राम मात्रा प्रति एकड़ प्रयोग की जाती है। मैंगनीज के साथ आप 125 ग्राम चेल्टेड जिंक भी साथ में मिलाकर स्प्रे कर सकते हैं। मैंगनीज का मूल्या देखें।

नोट- मैंगनीज को फास्फोरस के साथ या खरपतवार नाशक दवाइयां के साथ मिलकर स्प्रे नहीं करना चाहिए।

जो किसान भाई अपनी फसल में मैंगनीज का इस्तेमाल करते है। उनको इसके रिजल्ट देखने को मिलते है या नहीं, कृपा कमेंट की माध्यम से जरूर बताएं। धन्यवाद!

FAQ

1 एकड़ में कितना जिंक डालें?
एक एकड़ में 6kg जिंक प्रयोग की जाती है। जिंक की अलग- अलग फसलों में अलग-अलग मात्रा डालती है।

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Kheti jankari

मैं एक किसान हूँ, और खेती में एक्सपर्ट लोगो से मेरा संपर्क है। मैं उनके द्वारा दी गयी जानकारी और अनुभव को आपके साथ साँझा करता हूँ। मेरा प्रयास किसानों तक सही जानकारी देना है। ताकि खेती पर हो रहे खर्च को कम किया जा सके।

2 thoughts on “गेहूं की फसल में पानी देने के बाद पीलापन:ये है मुख्य कारण, मात्र 150 रुपए में गेहूं का पीलापन दूर करें।”

  1. मेरे गेंहू मे अभी पानी नहीं लगा है फिर भी गेंहू पीले पड रहे हैं क्या करें

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