गेहूं की पैदावार बढ़ाने का आसान तरीका:कुछ तरीके जानें जो आपकी पैदावार को बढ़ा सकते हैं

By Kheti jankari

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गेहूं की पैदावार बढ़ाने का आसान तरीका

गेहूं की पैदावार बढ़ाने का आसान तरीका जानने के लिए आपको गेहूं के प्रमुख चरणों को जनना पड़ेगा। इसके लिए आप पूरा लेख पढ़ें।

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हर किसान चाहता है, कि उसकी फसल उसको अच्छी पैदावार निकाल कर दे और उसे अधिक मुनाफा हो। पैदावार बढ़ाने के चक्कर में किसान भाई अपनी फसलों में विभिन्न तरह के माइक्रोन्यूट्रिएंट्स व अन्य दवाइयां का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन फिर भी उनको अच्छे रिजल्ट नहीं देखने को मिलते। इसका मुख्य कारण है, कि वह सही समय पर सही खाद और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का प्रयोग नहीं करते। किसी भी फसल की पैदावार का गणित जानने के लिए हमें उसके चरणों को समझना जरूरी होता है। फसल में कब कौन-सा चरण आता है। यह जानकारी हमें होनी चाहिए। तभी हम उससे अधिक पैदावार ले सकते हैं। आगे हम गेहूं की मुख्य चरणों के बारे में बात करेंगे। हमें गेहूं कब-कब क्या कार्य करने चाहिए। इस बारे में जानेंगे।

गेहूं में मुख्य चरण

गेहूं में मुख्य रूप से सात चरण होते हैं। इन चरणों के अनुसार ही हमे उसमे खाद और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स प्रयोग करना है। ये सात चरण है-

  1. क्राउन रूट इनिशिएशन (जड़-मुकुट)
  2. टिलरिंग (कल्ले निकालना)
  3. स्टेम एलॉन्गशन (तने का लंबा होना)
  4. बूटिंग
  5. पानिकल इनीशिएशन (शीर्ष पर फूल आना)
  6. मिल्किंग (दाना भरना/पकना)
  7. कटाई

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क्राउन रूट इनिशिएशन (जड़-मुकुट) स्टेज गेहूं में 20 से 25 दिन पर आमतौर पर देखने को मिलती है। जब आपका पौधा 20 से 25 दिन का हो जाए, तब पौधे को उखाड़ कर देखने पर ताज जैसी कुछ नई जड़ें दिखाई देती है। यहां से ही क्राउन रूट इनिशिएशन (जड़-मुकुट) स्टेज शुरू हो जाती है। यह स्टेज पहली सिंचाई के बाद तेजी से शुरू होती है। इसलिए 20 से 25 दिन पर मुख्य रूप से सिंचाई करने को बोला जाता है।

क्राउन रूट इनिशिएशन (जड़-मुकुट) के बाद जो स्टेज शुरू होती है। यही से कल्ले बनाने का काम शुरू होता है। इसलिए हमें खादों और न्यूट्रिशन को स्टेज के हिसाब से ही देना पड़ता है। पौधा हर स्टेज में अलग प्रकार का खाद और न्यूट्रिशन लेता है। इसलिए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का स्प्रे हमें 25 से 26 दिन के बाद शुरू कर देना चाहिए। ताकि पौधे को हल्की-हल्की एनर्जी मिलती रहे और वह अच्छे से ग्रोथ करें। पैनिक इनीशिएशन स्टेज को गोभ अवस्था से 10 दिन पहले शुरू हो जाती है। जब आपकी नीचे की शाखा फुलनी लग लग जाये तो उसके 10 से 12 दिन के अंदर बाली बाहर निकल आती है।

गेहूं में कौन-कौन से स्प्रे करें

गेहूं में हमे टिलरिंग अवस्था में हमे NPK-191919 1kg प्रति एकड़ और अगर गेहूं में पीलापन दिखे तो इसमें 100g से 120g चेल्टेड जिंक भी दाल सकते है। बाली निकलने से पहले NPK- 05234 1kg और बोरोन 100g से 150g प्रति एकड़ स्प्रे करें। इसके बाद बाली निकालने के बाद NPK-0050 1kg प्रति एकड़ प्रयोग करें। इस स्प्रे में भी आप 100g से 150g बोरोन का प्रयोग कर सकते हैं।

किसान भाई अगर आप गेहूं की चरणों के हिसाब से इसमें खादो और न्यूट्रिएंट्स को डालते हो। तो आप अपनी फसल से अधिक पैदावार ले सकते हैं। अगर आपके कुछ सवाल है, तो आप कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है। धन्यवाद!

FAQ

गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए क्या डालना चाहिए?
गेहूं की फसल में अच्छी पैदावार के लिए हमे समय पर खादों और न्यूट्रिएंट्स को डालना पड़ता है। जिससे पौधा अच्छे से ग्रोथ कर सके।

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