लहसुन में 70-80 दिनों पर करें ये काम:फिर होगी बंपर पैदावार:Things to keep in mind about garlic

By Kheti jankari

Updated on:

लहसुन में 70-80 दिनों पर करें ये काम

लहसुन में 70-80 दिनों पर करें ये काम। लहसुन की खेती। लहसुन में करने योग्य कार्य। लहसुन में फफूंदीनाशक। लहसुन के मुख्या रोग। लहसुन में मुख्या खाद। लहसुन में ध्यान रखने योग्य बातें। Things to keep in mind about garlic.

लहसुन की उपज और क्वालिटी बढ़ाने का सबसे सस्ता स्प्रे

किसान साथियों नमस्कार, लहसन की फसल एक ऐसी फसल है। जिसमें कोई कल्लों का फुटाव नहीं होता। इसमें एक ही पौधे पर 10 से 12 पत्ते आते हैं। और उन्हें पत्तों से पूरी फसल पक जाती है। इसलिए अगर लहसुन में एक दो पत्ते का भी नुकसान होता है, तो यह आपकी पैदावार को घटा या बढ़ा सकता है। इसलिए आपको लहसुन में विशेष तौर पर ध्यान रखना पड़ता है। 70 से 80 दिन में लहसुन में कंद बनने का समय होता है। इस समय आपको अपनी फसल का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। ताकि इसके पत्तों को किसी प्रकार का कोई नुकसान न पहुंचे। क्योंकि लहसुन ठंड में उगता है। और इस समय इसमें धुंध के कारण फंगस रोग भी काफी अधिक मात्रा में लगते हैं। मैं आपको नीचे कुछ बातें बताऊंगा। जिसका ध्यान रखकर आप अपनी लहसुन की फसल से अच्छी पैदावार ले सकते हैं।

लहसुन में ध्यान रखने योग्य बातें

लहसुन की फसल लगाने वाले किसान अगर 70 से 80 दिन यह नीचे बताई गई दो-तीन बातों का ध्यान रख लेते हैं। तो आप अपनी फसल से अच्छी पैदावार ले सकते हैं।

लहसुन में कंद बनने के समय करें इस ताकतवर खाद का इस्तेमाल:लहसुन की मोटाई और वजन बढ़ाने का आसान तरीका

  • पहले किसान साथियों इस समय पर आप अपनी फसल में चेक करें। कि उसमें कोई किट रोग या फंगस रोग ना हो। क्योंकि इस समय पर थ्रिप्स और फंगस का अटैक लहसुन में बढ़ता है। इस समय जलेबी रोग भी काफी मात्रा में आता है। इसलिए समय पर फफूंदी नाशक और कीटनाशक का स्प्रे करें। फफूंदी नाशक के रूप में आप रिडोमिल गोल्ड और कीटनाशक में आप सिजेंटा अलीका का प्रयोग कर सकते हैं।
  • दूसरा 70 से 80 दिन पर आपको अपनी लहसुन की फसल में कैल्शियम नाइट्रेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ प्रयोग करना है। यह खाद लहसुन में कंद बनने में काफी ज्यादा सहायक होता है, और कांड की क्वालिटी में भी सुधार लता है। यह खाद आपकी फसल से पीलापन को भी दूर करता है।
  • किसान साथियों अगर आपकी फसल पानी देने की हो रही है। तो इस समय पर आप पानी जरूर लगाए। ताकि पौधे को पर्याप्त मात्रा में नमी मिल सके और वह अपनी कंद अच्छे से बना सके। और आपको अधिक पैदावार मिले।
  • इस समय पर आप पानी में धुलनशील खाद जैसे- एनपीके-00-52-34 या एनपीके-00-00-50 का स्प्रे करें। तो इसके आपको काफी अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।
  • इस समय पर आप माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का स्प्रे भी आवश्यक करें।

ऊपर बताई गई बातों को ध्यान में रखकर अगर आप अपनी लहसुन की फसल में समय पर सभी काम करते हैं। तो आपकी लहसुन की फसल आपको अधिक पैदावार निकाल कर देगी और आपकी लहसुन की फसल में किसी भी प्रकार का कोई पीलापन नहीं आएगा।

आपको मेरे द्वारा दी गई जानकारी कैसी लगी। कृपया कमेंट के माध्यम से हमें जरूर बताएं और दूसरे किसानों तक भी इसे अवश्य शेयर करें। धन्यवाद!

ये भी पढ़ें- गुड़ाई के समय लहसुन में क्या डालें:जड़ गलन समस्या व जड़ के कीड़े की रोकथाम,कृषि वैज्ञानिक

लहसुन में लगने वाले सबसे ख़तरनाक फफूंदी जनित रोग:लहसुन की ऊपर की पत्तियों का सूखना,कैसे करें रोकथाम:सम्पूर्ण जानें

खेतों में जंगली जानवरों से नुकसान:कैसे बचाएं अपनी फसल, पुराने किसानों का अनुभव जानें

लहसुन में पीलापन:पौधे के पत्ते ऊपर से सूखने का मुख्या कारण, कृषि जानकार ने बताया ये तरीका

Kheti jankari

खेती जानकारी एक ऐसी वेबसाइट है। जिसमें आपको कृषि से जुड़ी जानकारी दी जाती है। यहां आप कृषि, पशुपालन और कृषि यंत्रों से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते है।

Leave a Comment