कल्लर जमीन या जल भराव वाले क्षेत्रों के लिए जानी जाती है गेहूं की यह किस्म(2024):KRL-210 wheat variety

By Kheti jankari

Updated on:

कल्लर जमीन या जल भराव वाले क्षेत्रों के लिए जानी जाती है गेहूं की यह किस्म

कल्लर जमीन या जल भराव वाले क्षेत्रों के लिए हरियाणा के विज्ञानकों ने इस किस्म को बनाया है। गेहूं की यह किस्म पिछले 10 वर्षों से किसानों को अच्छी पैदावार निकल के दे रही है। इस लेख में इस किस्म के बारे में सम्पूर्ण जानकरी प्राप्त करें।

गेहूं में सल्फर को मिट्टी में दे या स्प्रे में

किसान साथियों नमस्कार, गेहूं की अनेक किस्मों भारत के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की जाती हैं। अलग-अलग क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग किस्मों को बनाया जाता है। कुछ किस्में कम पानी में अच्छी पैदावार निकाल कर देती हैं। और कुछ किस्मों को भरी मिटटी और अधिक पानी की आवश्यकता होती है। एक ऐसी किस्म जो भारी मिटटी होने के बावजूद भी अच्छी पैदावार निकाल कर देती है। यह किस्म के KRL-210 के नाम से जानी जाती है। यह किस्म कल्लर जमीन या फिर लवणीय मिट्टी के लिए अच्छी रहती है। इस गेहूं किस्म के बारे में संपूर्ण जानकारी आगे जानें-

KRL-210 गेहूं किस्म की विशेषताएं

KRL-210 गेहूं किस्म केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल (हरियाणा) द्वारा बनाई गई है गेहूं की इस किस्म को वर्ष 2013 में बनाया गया था। इस किस्म को बनाने का उद्देश्य किसानों को जल भरवा वाले क्षेत्र और कल्लर मिट्टी में अधिक पैदावार निकाल कर देना। जिस क्षेत्र में बारिश के कारण पानी जमा हो जाता है, और उनके खेतों का पानी नहीं सूखता। ऐसे क्षेत्रों में यह किस्म किसानों को अच्छी पैदावार निकाल कर देती है। इस किस्म की लंबाई मध्यम रहती है। इसकी लंबाई 90 से 100 सेंटीमीटर के लगभग रहती है। इस किस्म से किसानों को अधिक सूखा चारा मिलता है। इसका तना मजबूत होता है। यह किस्म गिरने के प्रति सहनशील है। इसके दाने का आकार मध्यम होता है। गेहूं की यह किस्म खाने और चपाती बनाने में अच्छी मानी जाती है।

PBW UNAT-343 Wheat Variety

KRL-210 गेहूं किस्म का पकाने का समय

गेहूं की यह किस्म पकाने में लगभग 140 से 145 दिन का समय लेती है। यह एक माध्यम समय पकाने वाली गेहूं किस्म है। जो मार्च में पढ़ने वाली गर्म हवाओं से बची रहती है, और किसानों को अच्छी पैदावार निकाल कर देती है।

KRL-210 गेहूं किस्म की औसत पैदावार

गेहूं की किस्म की औसत पैदावार 22 से 25 कुंतल प्रति एकड़ तक रहती है। लेकिन कुछ किसानों इस किस्म से 27 कुंतल प्रति एकड़ तक अधिक पैदावार लेते है।

KRL-210 गेहूं किस्म का बजाई समय

गेहूं की इस किस्म की बिजाई आप 5 नवंबर से लेकर 30 नवंबर तक कर सकते हैं। यह एक माध्यम समय में पकने वाली गेहूं किस्म है। इस किस्म से अधिक पैदावार लेने के लिए इसकी बजाई समय पर करें।

जो किसान भाई इस गेहूं किस्म की बिजाई पहले से करते आए हैं। वह कृपया इस किस्म के बारे में अपनी सुझाव अवश्य दें। ताकि दूसरे किसान भी इससे लाभ ले सकें। धन्यवाद!

FAQ

गेहूं की खेती के लिए कौन सा क्षेत्र उपयुक्त है?
गेहूं की खेती के दोमट मिटटी सबसे उपयुक्त रहती है। भारत में गेहूं की सबसे अधिक पैदावार पंजाब और हरियाणा राज्य में होती है।

ये भी पढ़ें – गेहूं में सल्फर को मिट्टी में दे या स्प्रे में(2023):कृषि वैज्ञानिक ने बताया गेहूं में सल्फर देने का ये सही तरीका

गेहूं की फसल में पानी देने के बाद पीलापन:ये है मुख्य कारण, मात्र 150 रुपए में गेहूं का पीलापन दूर करें।

गेहूं में अड़ियल मंडुसी (गुली डंडा) को भी जड़ से ख़त्म करने की क्षमता रखती है यह खास खरपतवार नाशक दवाई

गेहूं में डीएपी की कमी:बिजाई के समय डीएपी का प्रयोग नहीं किया(2023),फास्फोरस की कमी पूरी करने का आसान तरीका जानें

Kheti jankari

खेती जानकारी एक ऐसी वेबसाइट है। जिसमें आपको कृषि से जुड़ी जानकारी दी जाती है। यहां आप कृषि, पशुपालन और कृषि यंत्रों से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते है।

Leave a Comment