गेहूं में डीएपी की कमी:बिजाई के समय डीएपी का प्रयोग नहीं किया(2024),फास्फोरस की कमी पूरी करने का आसान तरीका जानें

By Kheti jankari

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गेहूं में डीएपी की कमी

गेहूं में डीएपी की कमी अक्सर देखी जाती है। क्यूंकि गेहूं बजाई के समय किसानों को डीएपी नहीं मिलता है। इसलिए कुछ किसान बिना डीएपी के गेहूं की बजाई कर देते हैं। ऐसे किसान पहले पानी के समय अपनी गेहूं में फास्फोरस की कमी को पूरा करने के लिए कुछ उपाय क्र सकते है। जो इस लेख में आगे बताये गए है।

गेहूं में सल्फर को मिट्टी में दे या स्प्रे में

अक्सर देखा गया है कि गेहूं बजाई के समय डीएपी की कमी हो जाती है। ऐसा पहले भी हो चुका है और आगे भी हो सकता है। कुछ किसानों ने इस साल गेहूं की बजाई में आधा बैग डीएपी डालकर काम चलाया है। गेहूं में डीएपी 50 किलोग्राम प्रति एकड़ तक प्रयोग होता है। लेकिन गेहूं की कुछ नई किस्मों में कृषि वैज्ञानिक 70 से 80 किलोग्राम डीएपी प्रति एकड़ का प्रयोग करने की सिफारिश करते हैं। जिन किसानों को गेहूं की बिजाई के समय डीएपी नहीं मिला। वह डीएपी की कमी कैसे पूरी करें। डीएपी की कमी पूरी करने के तीन-चार तरीके अब आपको आगे बताये गए है।

गेहूं में फास्फोरस (डीएपी) के कार्य

गेहूं में फास्फोरस (डीएपी) काफी महत्वपूर्ण होता है। पैदावार बढ़ाने के लिए डीएपी सबसे जरूरी तत्व है।

  • पौधे के लिए फास्फोरस से मुख्य तत्व होता है।
  • फास्फोरस जड़ों का विकास करने में सहायक होता है।
  • यह पौधे में कल्लों के फुटाव और बढ़वार के लिए भी जरूरी होता है।
  • फास्फोरस प्रकाश संश्लेषण की क्रिया को भी बढ़ाने में मदद करता है।
  • फूलों और फलों के विकास में भी फास्फोरस महत्वपूर्ण रोल अदा करता है।
  • फास्फोरस क्लोरोफिल की मात्रा को बढ़ाने का भी काम करता है।

गेहूं बिजाई में डीएपी से भी ताकतवर इस खाद का इस्तेमाल करें

गेहूं में फास्फोरस की कमी पूरी करने के तरीके

जिन किसान भाइयों ने गेहूं बिजाई के समय डीएपी नहीं डाले सके। वह पहले पानी के पहले और बाद में ये उपाय करके अपनी फसल में फास्फोरस की कमी को पूरा कर सकते है। फास्फोरस की कमी पूरी करने के उपाय नीचे बताये गए है-

  • अगर अपने गेहूं बिजाई के समय डीएपी नहीं डाला तो आप पहले पानी से पहले और बाद 50 किलोग्राम डीएपी प्रति एकड़ प्रयोग कर सकते है।
  • 1 लीटर फॉस्फोरस घुलनशील बैक्टीरिया(PSB) और दो किलोग्राम गुड़ को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर 8 से 10 दिन के लिए रख दें। उसके बाद आप इसको स्प्रे या पानी के साथ खेत में चला कर दें। एकड़ प्रति 100 लीटर गोल को दाल दें। इससे आपकी फसल में फॉस्फोरस की कमी पूरी हो जाएगी।
  • 2 किलोग्राम डीएपी, 1 किलोग्राम यूरिया और 1 किलोग्राम पोटाश को आपस में घोल बनाकर इसे अपनी फसल पर छिड़काव कर दें। यह स्प्रे आप 20 से 25 दिन पर कर दें। इस स्प्रे को आप एक से दो बार अपनी फसल में कर सकते है।
  • नैनो डीएपी की 500ml मात्रा प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में घोल बनाकर स्प्रे करें। इससे भी आपकी फसल में फास्फोरस की कमी पूरी हो जाएगी। यह स्प्रे 30 से 35 दिन पर करें। अगर आप चाहे तो इस स्प्रे को 2 बार भी अपनी फसल में कर सकते है।
  • NPK12-61-0 1.5 किलोग्राम प्रति एकड़ स्प्रे करें। इस स्प्रे को आप पानी देने से पहले और पानी देने के बाद दो बार कर सकते हैं।

ऊपर दिए गए तरीकों से आप अपनी फसल में फास्फोरस की कमी को आसानी से पूरी कर सकते हैं। अगर आप स्प्रे में फास्फोरस की कमी को पूरा करना चाहते हैं। तो आप इस स्प्रे को दो बार अवश्य करें। जिससे आपका कल्लों का फुटाव भी अच्छे से हो और आपकी फसल आपको अधिक पैदावार निकाल कर दे।

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FAQ

पौधों के लिए फास्फोरस का अच्छा स्रोत क्या है?
गोबर की खाद, हरी खाद, हड्डियों का चुरा, गली-सड़ी सब्जियों से हमे पर्याप्त फास्फोरस मिल जाती है। यह फास्फोरस के जैविक साधन है।

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