लहसुन में जबरदस्त रोग:बारिश के बाद तेजी से फैल रहा है यह रोग, सावधान रहें किसान:Main diseases of garlic

By Kheti jankari

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लहसुन में जबरदस्त रोग

लहसुन में जबरदस्त रोग। लहसुन की खेती। लहसुन में तेजी फैलने वाले रोग। लहसुन में मुख्य फफूंदीजनक रोग। लहसुन में मुख्या कीटनाशक। लहसुन में प्रयोग होने वाली मुख्य दवाइयां। Main diseases of garlic.

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किसान साथियों नमस्कार, 4 से 5 दिन बारिश और बादल रहने की वजह से मौसम में लगातार नमी बनी हुई थी। इस समय लहसुन वाले खेतों में बहुत ही भयानक रोग देखे जा रहे हैं। अगर आप धूप लगने पर खेत की निगरानी करते हैं। तो आपको पर्पल ब्लाउज काफी अधिक क्षेत्रों में देखने को मिलता है। कुछ क्षेत्रों में तो डाउनी मिल्ड्यू के साथ-साथ जड़ में सफेद कीड़ा भी आपको देखने को मिल जाता है। लहसुन में नोक सुखना और पौधे बैठने की समस्या तो आम बनी हुई है ,अगर आपके खेत में भी इस प्रकार की किसी समस्या है। तो आप यह पूरा लेख पढ़ें।

लहसुन के मुख्य रोग

इस समय खेतों में बारिश के कारण अत्यधिक नमी है। नमी में अक्सर फंगस रोग तेजी से फैलते हैं। इस समय लहसुन की फसल 110 दिन के लगभग हो गई है। कुछ किसान साथियों ने एनपीके-00-52-34 और एनपीके 00-00-50 को स्प्रे कर दिया है, और कुछ किसान करने वाले है। अगर आप इस समय अपने खेत की निगरानी करते हैं। तो आपको इस समय फंगस रोग काफी अधिक मात्रा में देखने को मिलते हैं। फंगस रोग में पर्पल ब्लाउज और डाउनी मिल्ड्यू लहसुन में अधिक मात्रा में लगते हैं। इसके साथ किसी किसी खेत में ट्रिप्स और जड़ में सफेद कीड़े की समस्या भी देखी जा रही है। यह फंगस की समस्या मुख्य रूप से पौधे की नोक सूखने की वजह से अधिक मात्रा में फैलती है। इसलिए किसान भाई अपनी खेत की निगरानी करें और उसका समय पर उपचार करें।

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लहसुन में प्रयोग होने वाली मुख्य दवाइयां

फंगस रोग के लिए इस समय अमिस्टार टॉप (एज़ोक्सीस्ट्रोबिन 18.2% + डिफ़ेनोकोनाज़ोल 11.4% एससी) सबसे अच्छा फंगीसाइड रहेगा। इसकी 200ml मात्र प्रति एकड़ प्रयोग करें। अगर आप के खेत में फंगस की समस्या ज्यादा है। तो आप M-45 250 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से भी मिल सकते हैं।

अगर आपको अपने खेत में कीट रोग देखने को मिलते हैं। जिसमें ट्रिप्स या जड़ में सफेद कीड़े देखने को मिलते है, तो इसके लिए आप इमिडाक्लोप्रिड 40% + फिप्रोनिल 40% w/w WG 100 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से प्रयोग करें।

आप इन दोनों दवाइयां को 150 से 200 लीटर पानी में घोलकर अपने खेत में छिड़काव कर दें। इस समय आप इस स्प्रे में एनपीके 00-52-34 या एनपीके 00-00-50 का प्रयोग ना करें। क्योंकि पौधे में फंगस रोग अधिक मात्रा में है। इसलिए इस एनपीके का स्प्रे आप 10 दिन बाद करें।

नोट=किसान साथियों अगर आपके खेत में यह रोग अधिक है,तो आप 7 दिन बाद इस स्प्रे को दोबारा से रिपीट कर दें।

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