प्याज में पौधा सुखना या जड़ गलन समस्या:क्या करें किसान, संपूर्ण जानें:Main reason for drying of onion plants

By Kheti jankari

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प्याज में पौधा सुखना या जड़ गलन समस्या

प्याज में पौधा सुखना या जड़ गलन समस्या। प्याज की खेती। प्याज में फंगस रोग। प्याज में जड़ गलन समस्या। प्याज के मुख्या रोग। प्याज में पौधे क्यों सुख रहे है। Main reason for drying of onion plants.

प्याज में खरपतवार नाशक दवाइयां:सही समय, सही मात्रा:बेस्ट खरपतवार नाशक के बारे में जानें

किसान साथियों नमस्कार, पिछले एक महीने से मौसम में लगातार नमी बनी हुई है, और धूप ना निकलने के कारण फसलों में फंगस जनित रोग अधिक मात्रा में फैल रहे हैं। लहसुन में रोपाई के बाद पौधे सूखने की समस्या आमतौर पर खेतों में देखी जा रही है। किसी किसी खेत में प्याज के 25 से 30% पौधे सूख गए हैं। प्याज में पौधे सूखने के मुख्य कारण और उनकी रोकथाम के लिए क्या उपाय करें। इस बारे में संपूर्ण जानकारी के लिए कृपया पुरा लेख पढ़ें।

प्याज में पौधे सूखने का मुख्या कारण

किसान साथियों प्याज में पौधे सूखने का मुख्य कारण की बात करें। मौसम में नमी अधिक होने के कारण और धुप माँ निकलने के कारण प्याज में पौधे सूखने की समस्या आम तौर पर देखी जा रही है। इसके कुछ मुख्य कारन नीचे दिए बताये गए है।

प्याज की रोपाई से पहले खेत तैयारी में डालें ये बेस्ट खाद कांबिनेशन

  • जिन किसान भाइयों की प्याज नर्सरी में ही प्याज की पौध के पत्ते ऊपर थोड़े जले हुए थे, और उन्होंने इसकी रोपाई कर दी है। तो वह फंगस रोकने की वजह अधिक मात्रा में फैलती है। जिससे वह जड़ तक जाकर पौधे को पूरी तरह खराब कर देती है।
  • मौसम में अत्यधिक नमी होने के कारण भी यह समस्या आ रही है। क्योंकि पौधे को धूप नहीं मिल रही। जिससे वह जमीन से खाना ग्रहण नहीं कर पाते और वह धीरे धीरे मर जाते है।
  • प्याज रोपाई के समय बसल डोज में बेसल डोज में कीटनाशक और फफूंदी नाशकों का प्रयोग नहीं किया। उनको भी यह समस्या अधिक मात्रा में देखने को मिल रही है।

प्याज में जड़ गलन समस्या की रोकथाम

प्याज में जड़ गलन समस्या की रोकथाम के लिए आपको जमीन में कुछ फफूंदी नाशकों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। आप इन फफूंदनाशकों को पानी देने के एक दिन पहले अपनी मिट्टी में खाद में या रेत में मिलाकर डाल सकते हैं। अगर आपने अपनी खेत में पानी नहीं देना चाहते, तो आप इनका स्प्रे में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। नीचे कुछ फंगीसाइड फफूंदी नाशक बताए गए हैं, आप इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। इनके आपको सबसे रिजल्ट देखने को मिलेंगे।

थायोफैनेट मिथाइल 70% WP 500 ग्राम प्रति एकड़, ड्यूपॉन्ट कोसाइड (कॉपर हाइड्रॉक्साइड 53.8 डीएफ) 500 ग्राम प्रति एकड़ या कार्बेन्डाजिम 12% + मैन्कोजेब 63% WP 1 किलोग्राम प्रति एकड़ को आप पानी देने से पहले खेत में मिला दें।

अगर आप स्प्रे करना चाहते हैं तो आपको नटिवो (टेबुकोनाज़ोल 50% + ट्राइफ्लोक्सीस्ट्रोबिन 25% w/w WG।) या रिडोमिल गोल्ड (मेटलैक्सिल 4% + मैन्कोनजेब 64%) का स्प्रे अपनी फसल [पर कर सकते है।

आपको मेरे द्वारा दी गई जानकारी कैसी लगी। कृपया कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं और इसे आगे अन्य किसानों तक भी अवश्य शेयर करें। धन्यवाद!

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