सरसों वाले किसान सावधान:तेजी से फ़ैल रहा है ये रोग, समय पर करें रोकथाम,पहचान, रोकथाम का तरीका सम्पूर्ण जानें

By Kheti jankari

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सरसों में बालदार इल्ली

सरसों में बालदार इल्ली एक ऐसा रोग है। जो सरसों की फसल में काफी काम देखने क मिलता है। जिन क्षेत्रों में मौसम अधिक गर्म होता है वहां यह रोग देखने को मिलता है। इस रोग की रोकथाम आप निचे दिए गए तरीके से आसानी से कर सकते है।

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सरसों की फसल पर फूल आने का समय हो गया है। कुछ किसानों की सरसों की फसल पर फूल अवस्था में भी आ गयी होगी। इस समय मौसम में जितनी ठंडक होनी चाहिए थी। अन्य सालों के मुकाबले अबकी बार मौसम थोड़ा गर्म है। इसलिए सरसों की फसल में ऐसे कीट देखे जा रहे हैं। जो मुख्यत खरीफ की फसल में देखने को मिलते थे। ऐसी एक कीट जिसे इल्ली कहा जाता है। आपको सरसों के पत्तों पर देखने को मिलेगी। इसको बिहार हेलिकेटेरपिलर भी कहा जाता है। इसकी रोकथाम कैसे करें और इसके आपकी सरसों की फसल पर क्या नुकसान है। इसके बारे में आगे संपूर्ण जानें-

सरसों में इल्ली (सुंडी) की पहचान

सरसों की फसल में इल्ली (सुंडी) आपके बीच वाले पत्तों या उससे नीचे वाले पत्तों पर देखने को मिलेगी। इसमें आपको झुंड में पत्तों पर छोटी-छोटी सुंडियां नजर आएगी। यह सुंडियां पत्तों का रस चूस कर उसे पर छोटे-छोटे होल बना देती हैं। और धीरे-धीरे पत्ते को सूखा देती है। आप अपने खेत में इस रोग की आसानी से पहचान कर सकते हैं। सुंडियों के ऊपर हलकी हलकी धारियां होती है। इसके अंडे आपको पत्तों के निचले भाग पर देखने को मिलते है। इसके अण्डों की संख्या भर मात्रा में होती है।

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सरसों में इल्ली (सुंडी) की रोकथाम के उपाय

यह खरीफ के मौसम में पाए जाने वाला कीट है। इसलिए यह इतना खतरनाक नहीं होता क्योंकि जब मौसम थोड़ा ठंडा होगा। तो यह अपने आप ही खत्म हो जाता है। लेकिन फिर भी जिन किसानों की फसल में यह कीट दिखाई देता है। वह नीचे बताये गए उपाय कर सकते हैं।

  • अगर आपको यह रोग सरसों की फसल में कहीं-कहीं नजर आता है। तो आप जहां आपको इसकी इल्ली (सुंडी) नजर आती है। उन पत्तों को तोड़कर उन्हें पैर से मसल कर नष्ट कर सकते हैं। इसके लिए आपको किसी भी दवाई को डालने की आवश्यकता नहीं है।
  • अगर आपकी फसल में यह रोग अधिक मात्रा में फैल जाता है। तो इसके लिए आप कोई भी हल्की कीटनाशक दवाइयां का इस्तेमाल कर सकते हैं। क्यूंकि पुरे खेत से इस इल्ली को हाथ से नष्ट करना आसान नहीं होगा। इसके लिए आपको दवाई का इस्तेमाल करना पड़ेगा। इसके लिए आप 100g धानुका ईएम 1 (इमामेक्टिन बेंजोएट 5% एसजी) प्रति एकड़ इस्तेमाल कर सकते हैं। या फिरप्रोफास (प्रोफेनोफोस 40% + साइपरमेथ्रिन 4% ईसी) 400ml से 500ml प्रति एकड़ भी प्रयोग कर सकते हैं।

किसान भाई इस रोग से डरने की आवश्यकता नहीं है। यह इतना खतरनाक रोग नहीं है। और यह तेजी से आपकी सरसों की फसल में नहीं फैलेगा। इसलिए आप एक-दो दिन प्रतीक्षा करके भी इस रोग के लिए स्प्रे कर सकते हैं। आपको यह जानकरी कैसी लगी कृपा कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं। धन्यवाद!

FAQ

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