गन्ना किस्म COLK–14201 की यह खूबियां शायद आपको नहीं पता होंगी:New Sugarcane Variety

By Kheti jankari

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गन्ना किस्म COLK–14201 की यह खूबियां शायद आपको नहीं पता होंगी

किसान भाई आजकल बसंतकालीन गन्ने की बुवाई अधिक मात्रा में करने लगे हैं। किसान सितंबर–अक्टूबर में गन्ने की बुवाई करके उसमें गेहूं की फसल या कोई अन्य फसल लगा लेते हैं। जिससे उनका खर्च कम होता है। और गन्ने की बजाई समय पर हो जाती है। वैसे आमतौर पर गन्ने की बिजाई नवंबर में शुरू होती है। जो फरवरी और मार्च तक चलती रहती है। गन्ना एक ऐसी फसल है, जो अत्यधिक बारिश, सुखा और लगभग सभी मौसमों की मार को जेल सकता है। लेकिन गन्ने की कुछ किस्म में रोग अत्यधिक मात्रा में लगने लगे हैं। जिससे किसान भाई इन किस्म की जगह नए बीजों को चयन करना पड़ रहा है। ऐसी ही एक किस्म co–0238 पिछले कुछ समय से रोगों से ग्रसित हो गई है। यह एक अच्छी पैदावार देने वाली की गन्ने की किस्म थी। लेकिन यह किस्म रेड रोड जैसे रोग से ग्रसित हो गई हैं। इस रोग किसानों के पुरे के पुरे खेत ख़राब हो हो गए है।

गन्ने की नई किस्म Co-13235 की विशेषताएं

गन्ना किस्म COLK–14201

गन्ना किस्म COLK–14201 भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान द्वारा बनाई गई है। यह किस्म 8436 गन्ना किस्म से मिलती-जुलती किस्म है। यह 8436 गन्ना किस्म जो रसगुल्ला के नाम से प्रसिद्ध है, कि विकसित किस्म है। यह गन्ने की एक नई किस्म है। जिसकी बजाई आप अक्टूबर से लेकर मार्च तक कर सकते हैं। लेकिन अलग-अलग मौसम में इसकी बिजाई करने के आपको अलग-अलग परिणाम देखने को मिलेंगे।

गन्ना किस्म COLK–14201 की विशेषताएं

गन्ने की यह किस्म एक रोग रहित गन्ना किस्म है। जिसमें किसी भी प्रकार का कोई रोग नहीं लगता। इसका गन्ना नीचे से मोटा होता है। यह किस्म गिरने के प्रति सहनशील है। इस किस्म की पोरी छोटी होती है। इसकी लंबाई अन्य किस्म के मुकाबले थोड़ी कम होती है। इसकी औसत लंबाई 10 से 12 फीट तक होती है। इसके एक गन्ने का वजन औसत 2kg से 2.5kg तक होता है। यह एक ऐसी किस्म है जिसको आप भारी मिटटी में ही लगा सकते हैं। हल्की मिट्टी में आपको इसकी पैदावार अच्छी देखने को नहीं मिलेगी। यह किस्म अधिक कल्ले निकलती है। इस किस्म की पतियों पर हलकी कंडी होती है।

गन्ना किस्म COLK–14201 की पैदावार

गन्ने की इस किस्म से अधिक पैदावार लेने के लिए आपको इसकी बिजाई नवंबर और दिसंबर तक कर देनी चाहिए। अगर आप लेट बजाई करोगे। तो इसकी आपको अच्छी पैदावार देखने को नहीं मिलती। गन्ने की इस किस्म में शर्करा की मात्रा 17% तक पाई जाती है। गन्ने की यह किस्म अन्य किस्म के मुकाबले 50 कुंतल तक अधिक पैदावार आसानी से दे देती है। इसकी पैदावार 400 से 420 क्वांटल तक आसानी से निकाल सकते है। आने वाले समय में इस किस्म की मांग बढ़ने वाली है। क्योंकि यह एक अच्छी किस्म है। यह किस्म गिरने के प्रति सहनशील है और इसे आप अधिक पानी भराव वाले क्षेत्र में भी इसकी बिजाई कर सकते हैं।

गन्ना किसानों को एक प्रजाति पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। क्योंकि लंबे समय तक एक प्रजाति का बिजाई करने से उसमें विभिन्न प्रकार के रोग लग जाते हैं। इसलिए किसानों को हमेशा अलग-अलग प्रजातियों का चयन करना चाहिए। जिससे समय आने पर वह अपनी प्रजाति का बदलाव आसानी से कर सके। धन्यवाद!

FAQ

गन्ने की नई वैरायटी कौन कौन सी हैं?
हर वर्ष गन्ने की नयी किस्में विकशित होती रहती है। लेकिन कुछ प्रमुख किस्में है- COLK–14201, CO-13235, PB-95, CO-15023
1 एकड़ में गन्ने का कितना उत्पादन होता है?
एक एकड़ में 380 क्वांटल प्रति एकड़ औसत पैदावार आसानी से निकल जाती है।

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Kheti jankari

मैं एक किसान हूँ, और खेती में एक्सपर्ट लोगो से मेरा संपर्क है। मैं उनके द्वारा दी गयी जानकारी और अनुभव को आपके साथ साँझा करता हूँ। मेरा प्रयास किसानों तक सही जानकारी देना है। ताकि खेती पर हो रहे खर्च को कम किया जा सके।

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