दालें

फ़र्टिलाइज़र और पेस्टिसाइड का रिजल्ट कम मिल रहा है:क्या करें, कृषि वैज्ञानिक इस बारे में क्या कहते है जानें:Main reasons for low results of fertilizers and pesticides

आजकल अधिकतर जमीनों में देखा जा रहा है, कि आप मिट्टी में जितने फर्टिलाइजर डालते हो। उनका आपको इतना अच्छा रिजल्ट देखने को नहीं मिलता। ऐसे ही आपको कीटनाशकों और फफूंदी नाशकों के रिजल्ट भी पहले से कम देखने को मिल रहे हैं। आपको अधिक मात्रा में इनका प्रयोग करना पड़ता है। इससे आपकी खादों और दवाइयां की लागत बढ़ गई है। और किसान को आर्थिक नुकसान हो रहा है।

मूंग में बिजाई के समय बेस्ट खाद कॉन्बिनेशन:मूंग बिजाई करने का सही समय और तरीका जानें:Which fertilizers should be applied in moong

मूंग एक दलहनी फसल है। जिसकी बिजाई का सही समय 15 फरवरी से लेकर 30 मार्च तक का रहता है। यह बजाई समय आपकी किस्म पर निर्भर करता है, कि आप कौन सी किस्म का चयन करते हो। कम से समय पकाने वाली किस्म की लेट बजाई होती है, और अधिक समय पकाने वाली किस्म की बिजाई जल्दी करनी पड़ती है। मूंग एक ऐसी फसल है, जिसको कम मात्रा में खादों की आवश्यकता पड़ती है। इसमें रोग भी बहुत कम मात्रा में लगते हैं।

Best Moong Variety(2024):पीला मोजक वायरस के प्रति सहनशील चमकदार दानों वाली इस मूंग किस्म की करें बजाई

मूंग एक दलहनी फसल है। जिसकी बिजाई मुख्य तौर पर गर्मी और खरीफ के सीजन में की जाती है। गर्मी के सीजन में मूंग की बिजाई दाल के लिए और हरी खाद के लिए किसान आम तौर पर करते हैं। लेकिन आज मैं जिस किस्म की बात कर रहा हूं। यह किस्म पकने में बड़ी अच्छी रहती है, और किसानों को काफी अच्छी पैदावार निकाल कर देती है। मूंग की यह किस्म शक्ति वर्धक सीड्स द्वारा दी जाती है यह SVM-66 के नाम से जानी जाती है।

मार्च में बिजाई के लिए सबसे उपयुक्त है, मूंग की यह किस्म:early maturing mung variety

मूंग की विभिन्न तरह की किस्में आपको बाजार में देखने को मिल जाती है। यह किस्में अलग-अलग क्षेत्र और अलग-अलग मौसमों के लिए विज्ञानकों द्वारा तैयार की जाती है। जायद यानी गर्मी के मौसम में मूंग की बिजाई के लिए ऐसी किस्म का चयन करना चाहिए। जो गर्मी को अधिक सहन करने की क्षमता रखती हो और जिनको पानी की कम आवश्यकता पड़ती है। क्योंकि इन दिनों एक तो बारिश कम मात्रा में होती है, और गर्मी अधिक पड़ती है। तो किसानों को पानी अधिक मात्रा में देना पड़ता है। ऐसी ही एक किस्म जो दो से तीन सिंचाई में पैक कर तैयार हो जाती है। यह किस्म mh-421 के नाम से जानी जाती है।

कम पानी में भी अधिक उत्पादन देती है, मूंग की यह किस्म:There is no competition for this variety of Moong

मूंग की दो प्रकार की किस्में आपको आमतौर पर देखने को मिलती हैं। एक वह किस्में जिनकी बिजाई बरसात के मौसम में की जाती है, और दूसरी वह किस्में जिनकी गर्मी के सीजन में बिजाई की जाती है। खरीफ सीजन और रबी के सीजन के बीच वाले सीजन को गर्मी या जायद का सीजन कहा जाता है। इस समय मूंग की जो किस्में उगाई जाती हैं। उनका दाना थोड़ा छोटा होता है, और बरसात के दिनों में उगाई जाने वाली मूंग किस्म का दाना थोड़ा बड़ा और मोटा होता है। इसलिए जायद के सीजन वाले में किस्में 5 से 10 दिन जल्दी पक कर तैयार हो जाती हैं। भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान कानपुर द्वारा एक मूंग की किस्म तैयार की गई है। जो पीडीएम-139 के नाम से जानी जाती है।

गर्मियों में बिजाई के लिए बेस्ट है मूंग की यह किस्म:Moong variety of Shakti Vardhak Seeds Company

शक्ति वर्धक सीड्स कंपनी मूंग की अलग-अलग तरह की किस्म किसानों के लिए तैयार करती है। ऐसी ही इसकी एक मूंग की जो SVM-88 के नाम से जानी जाती है। यह मूंग किस्म गर्मी के मौसम में बिजाई के लिए सबसे उपयुक्त है, और सबसे अच्छी पैदावार निकाल कर देती है। मूंग की यह किस्म रोगों के प्रति सहनशील है।

पंजाब के विज्ञानिकों द्वारा तैयार की गयी मूंग किस्म:Moong variety of Punjab Agricultural University

मूंग की बिजाई गर्मी और बरसात के मौसम में आमतौर पर की जाती है। मार्च से लेकर जुलाई तक आप इसकी बिजाई कर सकते हैं। मूंग एक ऐसी फसल है, जो अत्यधिक सुख और अत्यधिक पानी को भी सहन कर सकती है। मूंग की खेती के लिए जल निकास युक्त मिट्टी सबसे उपयुक्त रहती है। यदि आप मूंग की खेती करना चाहते हैं, तो आपको ऐसी खेत का चुनाव करना चाहिए। जिसमें पानी खड़ा ना हो। मूंग की अलग-अलग प्रकार की किस्म आपको बाजार में देखने को मिलती हैं। मैं आपको मूंग की एक ऐसी किस्म के बारे में बताऊंगा। जिसकी बाजार में बहुत ज्यादा डिमांड है। यह इसको किसान काफी ज्यादा पसंद करते हैं। यह किस्म एसएमएल-668 के नाम से जानी जाती है।

भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान द्वारा तैयार की गई मूंग की सबसे अच्छी किस्म:Best variety of Moong

मूंग की खेती लगभग पूरे भारत में की जाती है। लेकिन मूंग की खेती के लिए काली मिट्टी, दोमट मिट्टी और हलकी मिट्टी सबसे उपयुक्त रहती है। इसलिए मूंग की बिजाई मध्य भारत में सबसे अधिक की जाती है। मूंग की बिजाई जायद और खरीफ के मौसम में कर सकते हैं।मूंग एक दाल वर्गीय फसल है। जिसको आप कम समय में तैयार कर सकते हैं। यह आपको अच्छा मुनाफा कमा कर दे सकती है। आज मैं आपको मूंग की एक ऐसी किस्म के बारे में बताऊंगा। जो भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान कानपुर द्वारा बनाई गई है। यह किस्म शिखा के नाम से प्रसिद्ध है। यह आईपीएम 410-3 के नाम से भी जानी जाती है।

चने में इल्ली कंट्रोल का बेस्ट स्प्रे:सही समय पर सही दवा का चयन करें:fruit borer caterpillar in gram

आजकल अत्यधिक रासायनिक खादों के प्रयोग प्रयोग से फसलों में कीट और फंगस रोग अधिक मात्रा में बढ़ने लगे हैं। ऐसे ही चने में सुंडी यानी इल्ली का प्रकोप काफी अधिक मात्रा में देखा जाता है कई बार तो सुंडियां चने की पूरी फसल को नष्ट कर देती हैं। और किसान हाथ मलता रह जाता है। इसलिए किसान साथियों आपको सही समय पर सही दवा का प्रयोग करके अपनी चने की फसल में इल्ली को कंट्रोल करना चाहिए, ताकि फसल को भी कोई नुकसान ना हो और आपकी पैदावार अच्छी निकले। चने में इल्ली कंट्रोल करने के लिए कुछ दवाइयां आपको नीचे बताई गई है।

चमकदार और मोटे दाने वाली श्रीराम सीड्स की इस मूंग किस्म की करें बजाई:मिलेगी अधिक पैदावार:Moong variety of Shriram Seeds

मूंग की फसल जायद यानी गर्मी और खरीफ दोनों सीजन में इसकी बिजाई की जाती है। मूंग की बहुत सारी किस्में ऐसी आती है, जिनकी बजाई आप दोनों मौसमों में कर सकते हैं। और दोनों मौसमों में ये किस्में काफी अच्छी पैदावार निकाल कर देती है। ऐसे ही श्रीराम सीड्स की एक मूंग की किस्म आती है। जिसकी बजाई आप किसी भी मौसम में कर सकते हैं। यह किस्म एसआरपीएम-26 के नाम से जानी जाती है। बाजार में यह विजेता नाम से प्रसिद्ध है।

मूंग की 14 क्वांटल तक पैदावार देने वाली किस्म:अधिक पैदावार वाली मूंग की एक मात्र किस्म:High yielding variety of moong

मूंग एक दलहनी फसल है। जिसकी बजाई लगभग पूरे भारत में की जाती है। कृषि वैज्ञानिकों की सिफारिश के अनुसार मूंग की बिजाई आप मार्च से लेकर जुलाई तक कर सकते हैं। लेकिन मुंग की अलग-अलग किस्में अलग-अलग सीजन के लिए बनाई जाती है। ऐसी ही एक किस्म जो किसानों को सबसे अधिक पैदावार निकाल कर देती है। यह बंसी गोल्ड के नाम से प्रसिद्ध है।

HAU द्वारा तैयार की गई मूंग की सबसे जबरदस्त किस्म:पीलिया रोग बिलकुल नहीं:Moong variety characteristics

मूंग की खेती रबी और खरीफ दोनों सीजन में की जाती है। लेकिन खरीफ के सीजन में मूंग की फसल से अधिक पैदावार निकलती है। क्योंकि उसे समय मूंग की खेती के लिए मौसम अनुकूल रहता है। मूंग की काफी सारी किस्में बाजार में आपको अलग-अलग नाम से देखने को मिलेंगे। ऐसी ही एक किस्म हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी हिसार द्वारा तैयार की गई है। जो एमएच-1142 के नाम से जानी जाती है।

50 दिन में तैयार होने वाली मूंग की टॉप किस्म:Virat Moong variety characteristics.

मूंग की अनेक प्रकार की किस्में अनेक संस्थाओं द्वारा तैयार की जाती हैं। भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान कानपुर ने मूंग की एक ऐसी किस्म तैयार की है। जो 50 से 52 दिन में पैक कर तैयार हो जाती है। यह मूंग किस्म विराट के नाम से जानी जाती है। इसका नाम आईपीएम 205-07 है।

किसानों के बीच मशहूर है मूंग की यह किस्म:best variety of moong

मुंग एक दलहनी फसल है। जिसका प्रयोग दाल के रूप में खाने के लिए किया जाता है। मूंग की दाल भारत के लगभग सभी हिस्सों में खाई जाती है। मूंग की बिजाई मुख्य तौर पर मार्च और अप्रैल में की जाती है। जब तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस का हो। तब मूंग की बिजाई के लिए सबसे उपयुक्त समय रहता है। मूंग की बाजार में बहुत सारी किस्में देखने को मिलती है।

मूंग की उन्नत खेती:बजाई समय, बीज मात्रा सम्पूर्ण:Fungus and insect diseases in moong

मूंग एक दलहनी फसल है। मूंग की दाल लगभग पूरे भारत में प्रयोग की जाती है। मूंग की खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली खेती है। इसमें आपको एक या दो खाद डालने पड़ते हैं, और आपकी मूंग तैयार हो जाती है। मूंग की खेती आप लगभग भारत के सभी हिस्सों में कर सकते हैं।

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