मक्का की उन्नत किस्में

भारत के वैज्ञानिकों ने तैयार की मक्के की नई किस्म:अधिक पैदावार देने की क्षमता, रोग प्रतिरोधक किस्म:Maize variety of University of Agricultural Sciences

कृषि वैज्ञानिक कृषि के विकास के लिए फसलों की नई नई किस्मों को किसानों के लिए बनाते रहते हैं। वैज्ञानिक ऐसी किस्मों का निर्माण करते हैं, जो सिर्फ उपज में ही अच्छी नहीं रहती, बल्कि उसमें पौष्टिक गुण भी अधिक होते हैं। मक्का खरीफ सीजन की मुख्य फसल है। इसकी बिजाई फरवरी और मार्च में शुरू हो जाती है। कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय, बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने 2023 में मक्का की एक नई किस्म बनाई थी। जो MAH 15-84 के नाम से जानी जाती है।

धान्या सीड्स की मक्का किस्म:3 महीने से भी कम समय में तैयार होने वाली किस्म:Maize variety of Rallis India Limited

धान्या सीड्स टाटा रैलीज इंडिया लिमिटेड का एक उत्पाद है। यह बाजार में विभिन्न तरह के बीजों को किसानों के लिए उपलब्ध कराती है। ऐसे ही इसकी मक्का की एक किस्म जो MM-9333 के नाम से जानी जाती है। यह किस्म किसानों के बीच काफी प्रसिद्ध है। किसान इस किस्म से काफी मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। जो किसान मक्का के वैज्ञानिक खेती करते हैं। वह इस किस्म को काफी ज्यादा पसंद करते हैं।

डिकाल्ब-8181 मक्का किस्म:किसान क्यों इस किस्म की अधिक बिजाई करते है जानें:Dekalb-8181 corn variety characteristics

मक्का की बिजाई ज्यादातर किसान आलू की खुदाई के बाद करते हैं। हरियाणा और पंजाब के किसान मुख्यता इसी समय मक्का की सबसे अधिक बजाई करते हैं। यह मक्के की बिजाई का सबसे उपयुक्त समय है। मक्के की बिजाई आमतौर पर जायद और खरीफ के मौसम में की जाती है। मक्का की अनेक किस्में आपको बाजार में देखने को मिल जाती है। जो अलग-अलग सीजन के लिए बनाई जाती है। डिकाल्ब-8181 मक्का किस्म बायर सीड्स की किस्म है।

DKC-9144 मक्का किस्म:किसान क्यों इस मक्का किस्म को पसंद करते हैं जानें:maize variety characteristics

मक्का की बिजाई लगभग पूरे भारत में की जाती है। मक्का का अलग-अलग कंपनी द्वारा काफी सारे बीज दिए जाते हैं। यह बीज अलग-अलग क्षेत्र और जलवायु के हिसाब से बनाए जाते हैं। बायर सीड्स द्वारा मक्का की एक किस्म बनाई गई है। जो DKC-9144 के नाम से प्रसिद्ध है। मक्का की यह किस्म किसानों द्वारा काफी पसंद की जाती है। क्योंकि यह काफी अच्छी पैदावार निकाल कर देती है।

3 महीने में पकने वाली मक्का की एकमात्र किस्म:किसानों की पहली पसंद:Hybrid maize variety from Bayer Seeds

इस समय आलू की खुदाई लगभग शुरू हो चुकी है। आलू की खुदाई के बाद किसान भाई मक्का की बिजाई मुख्या तौर पर शुरू कर देते हैं। मक्का की एक ऐसी फसल है। जिसको आप दो फसलों के बीच में भी ले सकते हैं। यह कम समय पकाने वाली और अधिक पैदावार देने वाली खेती है। मक्का की काफी सारी किस्म बाजार में आपको देखने को मिल जाती हैं। एक किस्म जो बायर सीड्स द्वारा दी जाती है। यह लगभग तीन महीने में पैक कर तैयार हो जाती है। मक्का की यह किस्म DKC-9108 प्लस के नाम से जानी जाती है।

55 से 60 की कुंतल तक पैदावार देने वाली मक्का किस्म:किसानों को अमीर बनने वाली किस्म:High yielding hybrid maize variety

अलग-अलग कंपनियों की अलग-अलग किस्म क्षेत्र के हिसाब से मशहूर होती हैं। हर कंपनी की एक ऐसी किस्म होती है, जो सबसे अधिक पैदावार निकालकर देती है। कंपनियां इन किस्म में समय-समय पर बदलाव करके इसे अधिक पैदावार लेने के लिए भी तैयार करते हैं। अच्छी पैदावार लेने के लिए आपको उन्नत किस्मों का चुनाव करना पड़ेगा। ऐसी ही एक किस्म एडवांटा सीट्स द्वारा तैयार की जाती है। एडवांटा सीड्स द्वारा दी जाने वाली सभी किस्म में ये किस्म सबसे अधिक पैदावार निकाल कर देती है।

PAC-751 (इलाईट) मक्का की हाइब्रिड किस्म:पैदावार के मामले में इस किस्म का नहीं है कोई मुकाबला:hybrid variety of maize

एडवांटा सीड्स मक्का की अनेक तरह की किस्म किसानों के लिए बनता है। इन किस्मो की अलग-अलग विशेषताएं होती हैं। कुछ किस्म भारी मिट्टी के लिए बनी होती है, तथा कुछ इसमें हल्की मिट्टी के लिए बनाई जाती है। PAC-751 (इलाईट) एडवांटा सीट्स द्वारा बनाई गयी मक्का की हाइब्रिड किस्म है। एडवांटा सीट्स यूपीएल कंपनी का एक ब्रांड है।

100 दिन में पकने वाली मक्का की हाइब्रिड किस्म:किसानों की मन पसंद किस्म:Hybrid variety of maize with short ripening time

मक्का की किस्म की अनेक वैरायटी आपको बाजार में देखने को मिल जाती हैं। कुछ वैरायटी 100 से 110 दिन में पक जाती हैं, तथा कुछ किस्में पकने में 150 से 160 दिन का समय लेती हैं। जो किस्में पकने में अधिक समय लेती है, वह पैदावार भी अधिक निकाल कर देती हैं। मक्का की जो किस्म 100 दिन में पैक कर तैयार हो जाती है। ऐसी किस्मों आप दो फसलों के बीच के समय में आसानी से ले सकते हैं। यह किस्म एडवांटा सीड्स द्वारा दी जाती है। इस किस्म का नाम ADV-9293 है।

लंबे दोनों वाली एडवांटा सीड्स की हाइब्रिड मक्का किस्म:औसत पैदावार, बजाई समय:hybrid maize variety of upl

मक्का की बिजाई रबी और खरीफ दोनों सीजन में की जाती है। एडवांटा सीड्स जो की यूपीएल कंपनी का एक ब्रांड है। यह किसानों के लिए मक्का, धान, ज्वार, बाजरा, सरसों और अन्य पशुओं के चारे वाली अनेक फसलों के बीज उपलब्ध कराता है। ऐसी ही एडवांटा सीड्स की एक मक्का किस्म है। जो किसानों द्वारा काफी ज्यादा पसंद की जाती है। यह किस्म ADV-759 के नाम से जानी जाती है।

पुरे देश में अच्छी पैदावार के लिए जानी जाती है मक्का की यह हाइब्रिड किस्म:बिजाई समय, औसत पैदावार:Hybrid variety of Syngenta seeds

फसल की अच्छी पैदावार के लिए जितना महत्व खादों और मिट्टी का होता है। उतना ही महत्व एक उत्तम बीज का भी होता है। मक्का की अच्छी पैदावार के लिए आपको एक उन्नत किस्म का चुनाव करना बहुत आवश्यक है। जिससे आप अपनी फसल से अधिक से अधिक पैदावार ले सकें और अधिक मुनाफा कमा सकें। माध्यम से हमें पकाने वाली मक्का की एक ऐसी किस्म है, जो किसानों द्वारा काफी पसंद की जाती है। यह किस्म स्विट्जरलैंड की एक कंपनी से सिंजेंटा सीड्स द्वारा दी जाती है। यह मक्का किस्म NK-30 प्लस के नाम से जानी जाती है।

काली मिट्टी में सबसे अच्छी पैदावार निकाल कर देती है, मक्का की यह किस्म:best variety of maize

मक्का की बिजाई लगभग पूरे भारत में की जाती है। मक्का की अलग-अलग कंपनियों द्वारा अलग-अलग किस्में बाजार में बेची जाती है। यह ऐसी किस्म जो काली मिट्टी में काफी अच्छी पैदावार निकाल कर देती है। यह किस्म सन्जेंटा सीड्स द्वारा दी जाती है। यह किस्म S-6668 के नाम से प्रसिद्ध है।

मक्का की इस किस्म से होगा तगड़ा मुनाफा:अधिक पैदावार, कम समय में पकने वाली किस्म:Best hybrid variety of maize

मक्का की विभिन्न तरह की किस्में बाजार में आती है। जो किसानों को काफी अच्छी पैदावार निकाल कर दे रही है। मक्का की फसल आम तौर पर 3 से 4 महीने में पककर तैयार हो जाती है। मक्का की एक किस्म डिकाल्ब-9208 के नाम से जानी जाती है। यह किस्म हरियाणा के किसानों द्वारा काफी ज्यादा पसंद की जा रही है। पिछले दो-तीन सालों में किसानों को इस किस्म ने काफी अच्छी पैदावार निकाल कर दी है।