गेहूं में पैदावार बढ़ाने वाला PGR:कृषि वैज्ञानिक की सलाह:वृद्धि नियंत्रक का प्रयोग कब और कैसे करें, संपूर्ण जाने

By Kheti jankari

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गेहूं में पैदावार बढ़ाने वाला PGR

गेहूं में पैदावार बढ़ाने वाला PGR . कृषि वैज्ञानिक की सलाह। वृद्धि नियंत्रक का प्रयोग कब और कैसे करें। गेहूं की पैदावार बढ़ाने वाला प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर। गेहूं में प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर का प्रयोग कब करें। प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर की गेहूं में मात्रा। गेहूं की खेती। गेहूं में स्प्रे। गेहूं में पैदावार बढ़ाने के लिए क्या करें।

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चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय की सिफारिश के अनुसार, गेहूं की जो नई किस्में है, जैसे DBW-303, WH-1270, DBW-187, DBW-222, DBW-327 आदि किस्मों में वृद्धि नियंत्रक यानी प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर का स्प्रे करने की की गई है। इसके बारे में कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर ओपी बिश्नोई द्वारा कुछ जानकारी दी गई है। जो मैं आपके साथ सांझा करूंगा। इस इस जानकारी में डॉक्टर ओपी बिश्नोई ने गेहूं में किस समय प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर का स्प्रे करें, क्यों करें और कैसे करें। इसके बारे में संपूर्ण जानकारी बताई है, जो मैं आगे आपको बताऊंगा। कृपया पूरा लेख पढ़ें-

गेहूं की पैदावार बढ़ाने वाला प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर

डॉ ओपी बिश्नोई के अनुसार गेहूं की उन्हीं किस्मों में प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर का प्रयोग करना है। जिन किस्मों की लम्बाई अधिक होती है। जैसे DBW-303, WH-1270, DBW-187, DBW-222, DBW-327 आदि किस्में। अगर आपने इन किस्मों में से किसी भी किस्म की बिजाई अक्टूबर के आखिरी सप्ताह और नवंबर के पहले सप्ताह में की गई है। और अपने गेहूं की बिजाई के समय डेढ़ गुना खादों (यानि 80kg DAP और 3 से 4 बैग यूरिया) का प्रयोग किया गया है। तो आपको इस स्प्रे को अपनी गेहूं की फसल में कर सकते हैं। यह सप्रे आपकी गेहूं की फसल को के कद को 9 से 10 इंच कम कर देता है। जिससे वह गिरती नहीं है। अत्यधिक खाद देने से गेहूं के पौधे नरम पड़ने लगते हैं। और उनकी लंबाई भी अधिक हो जाती है। इसके लिए वृद्धि नियंत्रक का प्रयोग किया जाता है।

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गेहूं में प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर का प्रयोग कब करें

किसान साथियों वृद्धि नियंत्रकों का प्रयोग इन किस्मों में आपको दो बार करना है। पहला स्प्रे आपको 50 से 55 दिन की फसल पर करना है। और दूसरा स्प्रे आपको 80 से 85 दिन पर करना है। जब आपको आपकी गेहूं की फसल घास जैसी दिखाई दे और उसमें जमीन न दिखे। तब ही आप वृद्धि नियंत्रकों का प्रयोग करें। अन्यथा आपने अगर इन किम में से किसी किस्म की बिजाई रेतली जमीन या हल्की मिट्टी में की है। तो आपको इनमें से किसी भी दवाई का प्रयोग करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

गेहूं में प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर की गेहूं में मात्रा

डॉक्टर ओपी बिश्नोई के अनुसार अपने बासफ (लियोसिन) की 2ml प्रति लीटर और साथ में टेबुकोनाजोल 25.9% ई.सी की 1ml मात्रा प्रति लीटर के हिसाब से स्प्रे करने की सिफारिश की है। यह स्प्रे आपको दो बार अपनी फसल पर करना है। ये स्प्रे आपकी गेहूं की नाली को मजबूत करता है और गेहूं लम्बे समय तक गिरती नहीं है।

किसान साथियों आपको मेरे द्वारा दी गई जानकारी कैसी लगी। कृपया कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं और इसे आगे अन्य किसानों तक भी अवश्य शेयर करें। धन्यवाद!

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