सब्जियाँ

प्याज में रातों-रात फैल जाता है ये खतरनाक रोग:समय पर करें रोकथाम, पहचान का सही तरीका जानें:Identification of fungus in onion

प्याज एक कंद वर्गीय फसल है। लेकिन इसमें रोग भी काफी अधिक मात्रा में देखे जाते हैं। आजकल अधिक नाइट्रोजन और रासायनिक खादों के प्रयोग से फसलों में रोग की मात्रा तो बढ़ ही गई है। लेकिन उनको रोकने के लिए भी तरह-तरह की दवाइयां बाजार में उपलब्ध रहती हैं। ऐसे ही प्याज का एक बहुत ही खतरनाक रोग है, जो बैंगनी धब्बा रोग (पर्पल ब्लॉच) के नाम से जाना जाता है। जब यह रोग आपको दिखाई देता है, इससे तीन से चार दिन पहले ही इसके लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं। किसान भाई इसका ध्यान तब देते हैं, जब यह पूरी तरह से फैल जाता है।

करेले की टॉप 5 हाइब्रिड किस्में:बिजाई समय, पैदावार, संपूर्ण जानें:Top 5 hybrid varieties of bitter gourd

करेला एक बेल वर्गीय फसल है। इसकी बेल पर इसका फल लगता है। करेले की बिजाई साल में दो बार की जाती है। फरवरी और जून, जुलाई में करेले की बिजाई की बिजाई करने का सही समय होता है। करेले की फसल आम तौर पर 55 से 60 दिन में पककर तैयार हो जाती है। इसकी पैदावार की बात करें, तो अलग-अलग किस्म की पैदावार औसतन 10 टन प्रति एकड़ तक आसानी से निकल आती है। अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग करेला किस्में अच्छी पैदावार निकाल कर देती है।

भिंडी में बिजाई के समय डालें ये ताकतवर खाद:कैसे करें खेत की तैयारी:Main fertilizer for sowing okra

भिंडी की बिजाई वैसे तो पूरे साल किसी भी मौसम में कर सकते है। लेकिन अधिकतर किसान भिंडी की बिजाई फरवरी से शुरू होकर और मार्च तक चलती है। भिंडी बिजाई का सही समय 15 फरवरी से लेकर 15 मार्च तक का होता है। भिंडी की खेती तीन से चार महीने तक आसानी से फल देती रहती है। यह समय आपका किस्म पर निर्भर करता है। अधिक पैदावार लेने के लिए हमें अच्छी किस्म का चुनाव करना बहुत जरूरी है। किस्म का चुनाव अपने क्षेत्र के हिसाब से करना चाहिए। जो भिंडी किस्म आपके क्षेत्र में अच्छी पैदावार निकाल कर देती है।

प्याज में निराई-गुड़ाई के बाद डालें ये दमदार खाद:कंद का साइज और मोटाई बढ़ाने का आसान तरीका:Last main fertilizer in onion

आपकी प्याज की फसल इस समय 45 से 50 दिन की हो गई है, या होने वाली है। किसान साथियों प्याज में हमें दो से तीन निराई-गुड़ाई अवश्य करनी चाहिए और निराई-गुड़ाई के बाद खाद डालकर, उसमें पानी चला दें। जिससे पौधे की जड़ों को खुराक मिल जाए और वह अच्छे से ग्रोथ करे। 45 से 50 दिन पर हम ऐसा कौन सा खाद डालें। जो कंद का साइज बढ़ाने और प्याज की मोटाई बढ़ाने में सहायता करें।

मिर्च की रोपाई करते समय क्या-क्या सावधानियां रखें:अधिकतर किसान करते हैं ये गलतियां, Main precautions while planting chillies

मिर्च की रोपाई फरवरी में शुरू हो जाती है। जैसे ही थोड़ी धूप पड़ना शुरू होगी, किसान साथी मिर्च की रोपाई करना शुरू कर देते हैं। मिर्च की पौध तैयार करके इसकी रोपाई की जाती है। हमें मिर्च की रोपाई करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। जिससे हमारी मिर्च शुरू से ही अच्छी जड़ पकड़ और बड़वार लेकर चले, वह जल्दी और अच्छी पैदावार निकाल कर दे। मिर्च की रोपाई करते समय कुछ किसान गलतियां कर देते हैं। जिससे वह अपनी पैदावार को घटा लेते हैं। मिर्च के अधिकतर पौधे रोपाई के बाद सुख जाते हैं, और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। इसलिए हमें मिर्च की रोपाई के समय कुछ सावधानियां रखनी चाहिए, जो नीचे बताई गयी है।

लहसुन में जबरदस्त रोग:बारिश के बाद तेजी से फैल रहा है यह रोग, सावधान रहें किसान:Main diseases of garlic

4 से 5 दिन बारिश और बादल रहने की वजह से मौसम में लगातार नमी बनी हुई थी। इस समय लहसुन वाले खेतों में बहुत ही भयानक रोग देखे जा रहे हैं। अगर आप धूप लगने पर खेत की निगरानी करते हैं। तो आपको पर्पल ब्लाउज काफी अधिक क्षेत्रों में देखने को मिलता है। कुछ क्षेत्रों में तो डाउनी मिल्ड्यू के साथ-साथ जड़ में सफेद कीड़ा भी आपको देखने को मिल जाता है। लहसुन में नोक सुखना और पौधे बैठने की समस्या तो आम बनी हुई है ,अगर आपके खेत में भी इस प्रकार की किसी समस्या है।

मिर्च की रोपाई से पहले खेत की तैयारी:कौन-कौन से खाद डालें, बेस्ट कांबिनेशन:Best fertilizer for chilli seedlings

मिर्ची एक ऐसी फसल है, जिसकी रोपाई की जाती है। मिर्च को आप पूरे साल भर में किसी भी समय उगा सकते हैं। मिर्च की रोपाई मुख्या तौर पर फरवरी में की जाती है। इस समय ज्यादातर किसान इसकी खेती करते हैं। मिर्च के बाजार में काफी अच्छे भाव देखने को मिलते हैं। मिर्च 40 से ₹50 किलो आसानी से बिक जाती है। अगर आप भी मिर्ची की खेती करना चाहते हैं, और अधिक लाभ कमाना चाहते हैं। तो आपको मिर्च लगाने से पहले खेत की तैयारी अच्छे से करनी पड़ेगी। ताकि आपकी मिर्च अच्छे से ग्रोथ करें सकें और आपको अधिक पैदावार निकला कर दे।

माहिको सीड्स की भिंडी किस्म:रोगों के प्रति सहनशील किस्म,किसानों की पहली पसंद:Improved variety of Ladyfinger

माहिको किसानों के लिए अलग-अलग प्रकार के बीच उपलब्ध कराती है। यह कंपनी गेहूं, धान, मक्का, सरसों और सब्जियों के सभी प्रकार के बीज बनाती है। इस कंपनी ने भिंडी की भी कई प्रकार की किस्में तैयार की है। इनमें से एक किस्म किसानों द्वारा काफी ज्यादा पसंद की जाती है। यह किस्म रीता के नाम से प्रसिद्ध है।

Second main spray in onion:प्याज में भयंकर रोग:जल्दी करें दूसरा स्प्रे, सही समय पर समाधान जरूरी

फरवरी का महीना लग गया है। और मौसम परिवर्तन धीरे-धीरे बदल रहा है। पिछले 1 महीने से लगातार ठंडा मौसम था और अब धूप निकलने की वजह से दिन में गर्मी और रात को तापमान थोड़ा ठंडा रहता है। इस समय आपका प्याज की फसल भी 40 से 45 दिन की हो गई है। मौसम परिवर्तन के कारण पौधे में थोड़ा तनाव भी रहता है। इसमें फंगस, ट्रिप्स और इल्ली रोग देखने को मिलते हैं। इसलिए किसान भाई आप अपने खेत की लगातार निगरानी करते रहें और उसमें कोई भी रोग दिखाने पर तुरंत स्प्रे करें।

फरवरी में लगायें ये सब्जियां:मिलेगा सबसे अधिक बाजार रेट:Main vegetables grown in February

सब्जी की खेती से मुनाफा उसके रेट पर निर्भर करता है। अगर आपको रेट कम मिलता है तो आपको सब्जी से नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। इसलिए हमें सब्जियों को ऐसे समय पर लगाना चाहिए, जब उनके बाजार में सबसे अधिक मूल्य देखने को मिलते है। आज मैं आपको फरवरी में उगाई जाने वाली ऐसी पांच सब्जियों के बारे में बताऊंगा।

नामधारी सीड्स की हाइब्रिड भिंडी किस्म:लम्बे समय तक फल देने वाली भिंडी किस्म:High yielding variety of okra

भिंडी की अनेक किस्में आपको बाजार में देखने को मिल जाती हैं। भिंडी एक ऐसी फसल है। जिसकी बिजाई आप पूरे साल में कभी भी कर सकते हैं। भिंडी एक लंबे समय तक फल देने वाली सब्जी है। यह 5 से 6 महीने तक आसानी से फल दे देती है। फसल से अधिक पैदावार लेने के लिए हमे सही किस्मों का चुनाव करना जरूरी है। ऐसे ही नामधारी सीड्स की एक भिंडी किस्म किसानों द्वारा काफी ज्यादा पसंद की जाती है। यह भिंडी किस्म NS-862 के नाम से प्रसिद्ध है।

भिंडी की हाइब्रिड किस्म:किसानों की सबसे अधिक पसंद की जानें वाली किस्म:okra variety from Advanta Seeds

भिंडी की काफी सारी किस्में आपको बाजार में देखने को मिल जाती हैं। ऐसे ही एडवांटा सीड्स भी भिंडी की काफी सारी किस्म तैयार करता है। इसकी राधिका भिंडी किस्म काफी प्रसिद्ध है। लेकिन इसने अभी एक अपनी एक नई भिंडी किस्म तैयार की है। जो ADV-216 के नाम से प्रसिद्ध है। इस किस्म का बाजार में अन्य किस्म के मुकाबले भाव थोड़ा अधिक मिलता है।

First main spray in onion:प्याज में ग्रोथ कैसे बढ़ाएं:दमदार स्प्रे, क्या-क्या दवाइयां प्रयोग करें, सम्पूर्ण जानें

पिछले 15 से 20 दिन से धुंध और ठंड अधिक पढ़ने की वजह से प्याज में इतनी अच्छी ग्रोथ नहीं दिख रही। क्योंकि आपने जमीन में जो भी खाद और न्यूट्रिएंट्स का प्रयोग किया था। धुप ना निकलने के कारण पौधे उन्हें ग्रहण नहीं कर पाया। क्योंकि सूर्य के प्रकाश के बिना पौधे जमीन से तत्वों को ग्रहण नहीं करते। इसी कारण से आपको अपने प्याज की फसल में ग्रोथ नहीं दिख रही। इस समय आपको प्याज में ग्रोथ करवाने के लिए उसमें स्प्रे के द्वारा खादों और न्यूट्रिएंट्स को देना पड़ेगा।

प्याज में पहला मुख्या खाद:ग्रोथ बढ़ाने का सबसे सही समय:Right time to give first fertilizer to onion

प्याज एक कंद वर्गीय फसल है। जिसकी रोपाई की जाती है। प्याज की रोपाई आमतौर पर पौध उखाड़ने के तुरंत बाद की जाती है। रोपाई के तुरंत बाद ही उसमें पानी भी लगते हैं। प्याज में हमें 40 से 45 दिन पर यूरिया की मात्रा को पूरा कर देना चाहिए। क्योंकि इसके बाद यूरिया देने से उसमें नुकसान होता है। प्याज में पहले खाद हमारी पैदावार को बढ़ाने का काम करता है। क्योंकि यह समय वानस्पतिक वृद्धि का होता है। पौधा उखाड़ कर लगाने के बाद इस समय पौधा अपनी जड़ों की पकड़ को बनता है। और उसे इस समय नाइट्रोजन की अधिक मात्रा की आवश्यकता पड़ती है।

फरवरी में बिजाई की जाने वाली भिंडी की हाइब्रिड किस्म:hybrid variety of okra

राधिका एडवांटा गोल्डन सीड्स की एक हाइब्रिड किस्म है। एडवांटा UPL का एक ब्रांड है। जो मुख्ता सभी प्रकार की फसलों के बीज किसानों के लिए बनता है। भिंडी की इस किस्म की पहली तुड़ाई 45 से 50 दिन पर हो जाती है। यह किस्म लंबे समय तक फल देने के लिए जानी जाती है। यह किस्म औसतन 5 से 6 महीने फल आराम से दे देती है। लेकिन इस फसल से आप 8 से 9 महीने तक फल ले सकते हैं। इसके लिए आपको इसमें खादों और स्प्रे का प्रयोग समय पर करना पड़ेगा। भिंडी की इस किस्म की लंबाई मध्यम होती है। इस किस्म में पीला मोजेक वायरस और लीफ कार्ल वायरस बहुत कम मात्रा में लगते हैं।

लहसुन में आखिरी खाद कौन सा डालें:पैदावार बढ़ाने के लिए सही समय और सही मात्रा देना जरूरी:Time to apply last fertilizer to garlic

इस समय सभी किसानों की लहसुन की फसल लगभग 90 से 100 दिन की हो गई है। यह समय लहसुन में कंद बनने का होता है। लहसुन की लगभग सभी प्रकार की किस्म 120 से 160 दिन में पककर तैयार हो जाती हैं। आप इन इन किस्म में खाद डालते समय वैरायटी के हिसाब से 5-10 दिन ऊपर नीचे कर सकते हैं। लहसुन में आखिरी खाद आपकी पैदावार को बढ़ाने के साथ-साथ आपकी लहसुन की क्वालिटी को भी सुधरता है। जिससे आपके बाजार में अच्छे भाव मिल जाते हैं।

प्याज में पौधा सुखना या जड़ गलन समस्या:क्या करें किसान, संपूर्ण जानें:Main reason for drying of onion plants

पिछले एक महीने से मौसम में लगातार नमी बनी हुई है, और धूप ना निकलने के कारण फसलों में फंगस जनित रोग अधिक मात्रा में फैल रहे हैं। लहसुन में रोपाई के बाद पौधे सूखने की समस्या आमतौर पर खेतों में देखी जा रही है। किसी किसी खेत में प्याज के 25 से 30% पौधे सूख गए हैं।

प्याज में खरपतवार नाशक दवाइयां:सही समय, सही मात्रा:बेस्ट खरपतवार नाशक के बारे में जानें:Main herbicides in onion

प्याज एक कंद वर्गीय फसल है। इसके पौधे की रोपाई की जाती है। प्याज की फसल लगभग पूरे भारत में लगाई जाती है। प्याज की फसल में खरपतवारों की एक मुख्य समस्या रहती है। वैसे तो निराई-गुड़ाई द्वारा खरपतवार आसानी से नष्ट हो जाते हैं। लेकिन जब खरपतवारों की अधिक मात्रा में हो, तो उनको निराई-गुड़ाई द्वारा नष्ट करना संभव नहीं होता और खरपतवार नाशक दवाइयां का स्प्रे करना ही पड़ता है।

123 Next