गेहूं में माइकोराइजा का प्रयोग करें या ना करें:क्या यह कल्ले बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा उत्पाद है, क्या कहते हैं कृषि सलाहकार, संपूर्ण जानकारी

By Kheti jankari

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गेहूं में माइकोराइजा का प्रयोग करें या ना करें

किसान साथियों नमस्कार, बाजार में आपको गेहूं में कल्ले बढ़ाने के लिए काफी सारे उत्पाद देखने को मिल जाते हैं। इनमें सबसे ज्यादा बिक्री माइकोराइजा, ह्यूमिक एसिड और सीवीड की होती है। यह सारे कुदरत उत्पाद है। जो फसलों में कल्ले बढ़ाने में सहायता करते हैं। इनमें से मैं आज बात माइकोराइजा की करूंगा। माइकोराइजा कोई तत्व नहीं है। यह एक कुदरत फंगस है। जो पौधें जड़ों में कवक के रूप में कार्य करती है, और जड़ों की वृद्धि में मदद करती है।

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माइकोराइजा पौधे में क्या काम करता है

माइकोराइजा पौधे की जड़ों को बढ़ाने का काम करता है। मिट्टी में पड़ी खुराक को पौधे को पहुंचने में यह सहायक होता है। जो तत्व पौधा अपने आप नहीं ले पता, उन तत्वों को यह पौधे तक आसानी से पहुंचा देता है। यह मिट्टी और पौधे के बीच का एक एजेंट की तरह काम करता है। माइकोराइजा मिट्टी के पीएच लेवल को भी सही रखने में सहायक है।

माइकोराइजा को खेत में कब डालें

कुछ कंपनियां माइकोराइजा का प्रयोग हर खेत में करने के लिए बोलते हैं। लेकिन अगर आपके खेत में गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट, हरीखाद या फसल अवशेषों को अपने अपने खेत में मिलाया है। तो आपको माइक्रोजा को डालने की जरूरत नहीं है। क्योंकि आपके खेत में ऑर्गेनिक कार्बन पहले से ही काफी मात्रा में मौजूद है। जिस मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन कमी होती है। वहां भी आपको माइकोराइजा को डालने की आवश्यकता पड़ती है। क्यूंकि इस मिट्टी में पड़े तत्वों को पौधा लेने में असमर्थ होता है और माइकोराइजा इनको पौधे तक पहुचने का काम करता है। सोरे वाली जमीन में आपको माइकोराइजा के अच्छे रिजल्ट देखने को मिल सकते हैं।

गेहूं में माइकोराइजा का प्रयोग करने की विधि

अगर आप अपनी गेहूं की फसल में माइकोराइजा का प्रयोग करना चाहते हैं। तो इसके लिए सबसे अच्छा समय गेहूं बिजाई के समय है। आप गेहूं बिजाई से पहले गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट खाद में माइकोराइजा को मिलाकर प्रयोग कर सकते हैं। लेकिन अगर आप खड़ी फसल में भी इसका प्रयोग करना चाहते हैं, तो कर सकते हैं। लेकिन आपको किसी भी केमिकल फर्टिलाइजर जैसे यूरिया, पोटाश, डीएपी के साथ इसको मिलाकर प्रयोग नहीं करना चाहिए। माइकोराइजा के प्रयोग के 10 दिन पहले और बाद तक किसी भी केमिकल फ़र्टिलाइज़र का प्रयोग नहीं करना चाहिए। वनस्पतिक अवस्था में फसल में इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।

गेहूं में माइकोराइजा की मात्रा

गेहूं में माइकोराइजा की मात्रा अलग-अलग जमीन में अलग-अलग हो सकती है। और यह अलग कंपनी की अलग मात्रा होती है। अगर आपकी जमीन में ऑर्गेनिक कार्बन पहले से ही अधिक मात्रा में उपलब्ध है। तो आप माइक्रोजामाइकोराइजा का कम मात्रा में प्रयोग कर सकते हैं। अगर आपकी गेहूं की फसल में ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा कम है। तो आप अधिक मात्रा में भी माइक्रोजा का प्रयोग कर सकते हैं।

माइकोराइजा का ऑनलइन मूल्या देखें।

नोट- गेहूं में आप माइकोराइजा का प्रयोग करना चाहते है, तो अवश्य करें। लेकिन किसी कंपनी वाले की बातों में आकर आप इस्तेमाल न करें। माइकोराइजा आपकी मिटटी के लिए एक अच्छा फंगस उत्पाद है। लेकिन अपनी मिटटी की कंडीशन को देखते हुए ही इसका प्रयोग करें।

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FAQ

फसल में माइकोराइजा को कितनी बार लगाना चाहिए?
फसल में माइकोराइजा का प्रयोग एक से अधिक बार नहीं करना चाहिए। क्यूंकि ये एक बार में ही आपको अच्छे परिणाम निकल के दे देती है।

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Kheti jankari

मैं एक किसान हूँ, और खेती में एक्सपर्ट लोगो से मेरा संपर्क है। मैं उनके द्वारा दी गयी जानकारी और अनुभव को आपके साथ साँझा करता हूँ। मेरा प्रयास किसानों तक सही जानकारी देना है। ताकि खेती पर हो रहे खर्च को कम किया जा सके।

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